बाटला हाउस केस: आरिज को मौत की सजा पर मोहन चंद शर्मा की पत्नी ने कही ये बातें…

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: आतंकवादी संगठन ‘इंडियन मुजाहिदीन’ से जुड़े आरिज खान को 2008 में दिल्ली में हुए बटला हाउस एनकाउंटर में कोर्ट ने मौत की सजा दी है। बाटला हाउस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। अदालत ने इंस्पेक्टर शर्मा की हत्या के अपराध में आरिज को मौत की सजा दी है।

अब आंतकी आरिज को मौत की सजा मिलने के बाद शहीद पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की पत्नी माया शर्मा ने इस फैसले पर खुशी जतायी है। माया शर्मा ने खुशी जताते हुए अदालत को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि 13 साल के संघर्ष के बाद हमें बड़ी राहत मिली है। आखिरकार 13 साल के संघर्ष के बाद इंसाफ मिला है। अदालत ने हमारे साथ इंसाफ किया है।

बता दें कि सोमवार को 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के दौरान हुई पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या दोषी को अदालत ने मौत की साज सुनायी और साथ ही में आरिज पर कुल 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि इसमें से 10 लाख रुपये तत्काल शर्मा के परिवार के लिए जारी कर दिये जाने चाहिए।

दिल्ली के जामिया नगर इलाके में 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के बाद आरिज मौके से भाग गया था, 14 फरवरी 2018 को वह पकड़ा गया और तब से उस पर मुकदमा चल रहा था। सोमवार को दिल्ली की एक अदालत ने उसे बाटला हाउस एनकाउंटर का दोषी मानते हुए मौत की सजा दी है।

इंस्पेक्टर शर्मा को दिल्ली में हुए बम धमाकों में शामिल रहे संदिग्ध आतंकवादियों के बटला हाउस में मौजूद होने की खबर मिली थी, जिसके बाद वह अपने नेतृत्व में सात सदस्यीय दल के साथ 19 सितंबर, 2008 को वहां पहुंचे थे। मुठभेड़ में उन्हें गोली लगी थी और उनकी मौत हो गयी थी। उन्हें मरणोपरांत शांति काल का सर्वोच्च वीरता पुस्कार अशोक चक्र प्रदान किया था।

आरिज के आतंकवादी साथी शहजाद अहमद को इस मामले में जुलाई 2013 में अदालत ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी शहजाद अहमद को उम्रकैद की सजा सुनायी थी। बता दें कि बाटला हाउस एनकाउंटर पर देश में बहुत ही राजनीति हुई थी, कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने इसे फेक एनकाउंटर कहा था, लेकिन अदालत के फैसले ने इस विवाद पर एक तरह से रोक लगा दिया है।

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