डॉन विकास दुबे के साथ एनकाउंटर में गई पुलिस के आठ जवानों की जान

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: कानपुर में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और पुलिस के बीच हुए एनकाउंटर में 1 DSP,1 इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिसवाले शहीद हो गए हैं, जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हैं। घायल पुलिसकर्मियों में से एक की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, उनके पेट में गोली लगी है। ये मुठभेड़ कानपुर के शिवराजपुर इलाके में रात 1 बजे हुई। कानपुर में एक और एनकाउंटर हुआ है जहां पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि ये तीनों वही अपराधी हैं जो विकास दुबे के साथ थे, जबकि विकास अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।

एनकाउंटर में जो 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं उनमें सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसओ महेश यादव, चौकी इंचार्ज अनूप कुमार, सब-इंस्पेक्टर नेबुलाल, कांस्टेबल सुल्तान सिंह, राहुल, जितेंद्र और बबलू शामिल हैं।

कानपुर में गुरुवार आठ पुलिसकर्मियों की हत्या को अंजाम देने वाले विकास दुबे हिस्ट्रीशीटर है और उसके ऊपर 25 हजार रुपया का ईनाम भी घोषित है। विकास के ऊपर 50 से अधिक केस हत्या के प्रयास के चल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि विकास दुबे का काला कारोबार उत्तर प्रदेश में कानपुर देहात से लेकर इलाहाबाद व गोरखपुर तक फैला है। पुलिस के अनुसार वो हत्या लूट और कोरोबारी तथा व्यापारी से जबरन वसूली के लिए कुख्यात है।

विकास दुबे के खिलाफ राहुल तिवारी नाम के एक शख्स ने हत्या का केस दर्ज कराया था। जिसके बाद कल रात पुलिस की टीम विकास दुबे के गांव पहुंची थी। अपराध की दुनिया में कदम आगे बढ़ा रहे विकास पर यूपी के कई जनपदों में 52 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके थे और उस समय पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। अपराध की वारदातों को अंजाम देने के दौरान विकास कई बार गिरफ्तार हुआ।

बताया जा रहा है कि क्षेत्र में दहशत का पर्याय बन चुके हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने के ऑपरेशन में सीओ देवेंद्र मिश्रा ने तेज-तर्रार पुलिस जवानों को शामिल किया था। उन्होंने शिवराजपुर एसओ समेत चौबेपुर और बिठूर पुलिस के अनुभवी दारोगा और नए भर्ती हुए सिपाहियों की टीम बनाई थी। अनुभवी सीओ देवेन्द्र मिश्रा नौ बाद ही रिटायर होने वाले थे, वहीं तीनों दारोगा की इलाके और पुलिस महकमें में तेज-तर्रार की छवि था। शहीद हुए सिपाहियों को पिछले वर्ष ही कानपुर में ही पहली पोस्टिंग मिली थी और ज्वाइनिंग का दूसरा वर्ष ही था।

कानपुर एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियोंके शहीद होने के बाद योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। समाजवादी पार्टी ने कहा कि रोगी सरकार’ के जंगलराज में ‘हत्या प्रदेश’ बने उप्र के कानपुर में दबिश के दौरान सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा हमले में CO समेत 8 पुलिसकर्मि शहीद हो गए। पार्टी ने शहीदों के परिवार को  1-1 करोड़ रुपए मुआवजे देने की मांग की है।

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