कोरोना वायरस से कैसे रखें ख़ुद को सुरक्षित

corona-virusशिवानी पाल

कोरोना वायरस (Corona virus) को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने  महामारी घोषित कर दिया है। दुनिया भर की सरकारें कोरोना वायरस को लेकर लोगों को जागरूक करने पर ध्यान दे रही हैं। जानकारों का कहना है इसके संक्रमण को फैलने से रोककर ही इसे काबू में किया जा सकता है। इसके लक्षणों को पहचान कर ही कोरोना वायरस की बेहतर तरीके से रोकथाम की जा सकती है।

आखिर क्या है कोरोना वायरस

कोरोना एक ऐसा वायरस है जो जानवरों और इंसानों के रोग से लडने की क्षमता को बहुत जल्दी कमजोर करता है। जबतक मरीज को कुछ समझ में आये तबतक बहुत देर हो चुकी होती है, और ये वायरस मरीज के अन्दरुनी अंगों को कमजोर कर चुका होता है। कोरोना एक RNA वायरस हैजिसका मतलब ये है कि यह एक शरीर के अंदर कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुन: उत्पन्न करने के लिए करता है। चीन के वुहान में फैल रहा जैसा कोरोना वायरस पहले कभी नहीं देखा गया। इसलिए इसके बारे में ज़्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है।

एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोना वायरस एक ऐसे वायरस के परिवार से आता है जो मनुष्योंमवेशियोंसूअरोंमुर्गियोंकुत्तोंबिल्लियों और जंगली जानवरों को संक्रमित करता है।

जब तक इस नए कोरोना वायरस की पहचान नहीं हुईतब तक मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए केवल छह अलग-अलग कोरोना वायरस थे। इनमें से चार एक हल्के आम सर्दी की बीमारी का कारण बनते थे। हालांकि, 2002 के बाद से दो नए कोरोना वायरस  आए हैं जो मनुष्यों को संक्रमित कर उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसारयह वाइरस सी-फूड से जुड़ा है और इसकी शुरुआत चाइना के हुवेई प्रांत के वुहान शहर के एक सी-फूड बाज़ार से ही हुई मानी जा रही है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। यह वायरस ऊंटबिल्ली और चमगादड़ सहित कई पशुओं में भी प्रवेश कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है, अगर कुछ सावधानियां नहीं अपनायी गयी।

कोरोना वायरस का इलाज 

इस वक्त कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है। एंटीबायोटिक दवाएं वायरस से नहीं लड़तींइसलिए इनका उपयोग व्यर्थ है। हालांकिएंटीवायरल ड्रग्स काम आ सकते हैंलेकिन नए वायरस को समझने और उसका समाधान निकालने में कई साल लग जाते हैं।

अभी तक कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए कोई वैक्सीन भी उपलब्ध नहीं है। इस वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन बनाने का काम वैज्ञानिक कर रहे हैं।
चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित 191 मरीजों के इलाज में हो रही प्रोग्रेस के विश्लेषण के आधार पर मेडिकल रिसर्च जर्नल लैंसेट में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसारकोरोना वायरस (covid 19) गले के पीछे से पहले फेफड़ों में जाता है और फिर ब्लड में प्रवेश कर जाता है। बुधवार को प्रकाशित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि एक से 14 दिन के अंदर मरीज में इसके संक्रमण के लक्षण दिख जाते हैंजबकि कुछ मामलों में यह अवधि 27 दिन तक भी होती है।
Corona वायरस के लक्षण:-
सूखी खांसीबुखारसिरदर्दगला सूखनाकफसीने में बेचैनीनाक बहना जैसे सिम्टम्स कोरॉना वायरस होने की ओर इशारा करते हैं । यदि किसी भी व्यक्ति में ऐसा कोई भी सिम्टम्स पाए जाए तो उसे तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
कोरोना वायरस के कारण बढ़ती मौतों की संख्या एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम(ARDS)की वजह से होती है यानी फेफड़ों में तरल पदार्थ भर जाता है। जिससे मरीज को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। जिसके कारण उसकी मौत हो जाती है।ARDS का अभी कोई इलाज नहीं है।
कॉरोना वायरस से बचाव:-
पूरे दुनिया में चल रहे इस वायरस से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक वायरस से बचने के लिए दिन में ज्यादा से ज्यादा हाथों को साफ रखना बेहद जरूरी है। हाथों को साफ करने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
इसी के साथ भीड़-भाड़ भरी जगह पर जाने से परहेज़ करना चाहिए। किसी भी लंबी यात्रा को टाल देना भी बेहतर रहेगा।
अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैंजहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंखनाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं।

ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करनाबिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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