इग्नू के कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव “अम्बेसडर ऑफ़ रेसिलिएंस” अवार्ड से सम्मानित

IGNOU Vice Chancellor Professor Nageshwar Rao honored with "Ambassador of Resilience" Awardचिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में स्पार्क ऑफ लाइट्स एजुकेशन ने एक अनूठा पुरस्कार समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में “एंबेसडर ऑफ़ रेजिलिएशन” पुरस्कार से इग्नू के कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव को एक नवोन्मेषी एवं उभरती हुई कंपनी, स्पार्क ऑफ़ लाइट्स एजुकेशन द्वारा “अम्बेसडर ऑफ़ रेसिलिएंस” की उपाधि से सम्मानित किया गया।

इस संस्था के डाइरेक्टर एवं सह संस्थापिका संगीता वशिष्ठ और संस्थापक आदित्य वशिष्ठ ने प्रोफेसर राव को “अम्बेसडर ऑफ़ रेसिलिएंस” की उपाधि प्रदान की। यह सामान्यतया ज्ञात है कि जीवन के विभिन्न पहलुओं में रेसिलिएंस अथवा लचीलापन, सामना करने और असफलताओं से उबरने की क्षमता है, चाहे वह असफलता सामाजिक, व्यक्तिगत या मनोवैज्ञानिक ही क्यों न हो।

वैश्विक ख्याति प्राप्त वरिष्ठ शिक्षाविद, प्रो. राव, आधुनिक समय के युवाओं की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जो इग्नू, जन विश्वविद्यालय के तत्वावधान में विश्व स्तर की शैक्षिक सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।

प्रो. राव शैक्षिक प्रौद्योगिकी की उन हिमालयी ऊंचाइयों के भी प्रतीक स्वरुप हैं, इन्हेंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, प्रो नागेश्वर राव उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी के कुलपति थे। प्रो. राव ने सितंबर, 2021 से निदेशक, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, नई दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला है और निदेशक, भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान (आई.आई.ए.इस) शिमला का अतिरिक्त प्रभार भी दिनांक 23 मई, 2022 से संभाल रहे हैं।

प्रो. राव ने संबोधन ने कहा कि  प्रौद्योगिकी का समग्र रूप से समस्या-समाधान के तौर पर उपयोग करने की आवश्यकता है जिससे युवाओं में आधुनिक समय की चुनौतियों का मुकाबला करने की क्षमता विकसित हो। आज के युवाओं की अपार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए, प्रो. राव ने विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के लिए हैंडहोल्डिंग के पक्ष में बात की, उस भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक दबाव से निपटने के लिए जो कि कोविड -19 अवधि के बाद और भी बढ़ गया है।

उन्होंने स्पार्क ऑफ लाइट्स टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और एक अनोखा “वेलबीइंग ऐप” लॉन्च किया, जो विशेष रूप से बच्चों के साथ-साथ वयस्कों को रेसिलिएंस या लचीलापन बढ़ाने की यात्रा में मदद करने के लिए विकसित किया गया एक साधन है।

इस अवसर पर बोलते हुए, सुश्री संगीता वी, निदेशक स्पार्क ऑफ लाइट्स, और ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक अनुभवी शिक्षक ने कंपनी के व्यापक दृष्टिकोण को साझा किया: “कल्याण क्रांति लाने के लिए। खुशहाल और समृद्ध समुदाय बनाने के लिए”। आज के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए, उन्होंने आत्महत्या और अनुपचारित अवसाद में वृद्धि को सबसे खतरनाक विशेषताओं के रूप में चिह्नित किया। उन्होंने स्पार्क ऑफ लाइट्स द्वारा उपयोग की जाने वाली विधियों और उपकरणों के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें वेलबीइंग जर्नल्स और ऐप, वर्कशॉप और वेबिनार, और वर्तमान समय की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा डिज़ाइन किए गए समर्पित प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल हैं।

प्रो. एस. पी. सिंह, कुलपति रॉयल ग्लोबल एकेडमी, गुवाहाटी और दिल्ली के विधायक श्री विनय मिश्रा सहित बारह विशिष्ट व्यक्तियों को “अम्बेसडर ऑफ रेसिलिएंस” पुरस्कार प्रदान किए गए। वरिष्ठ राजनीतिज्ञ श्री महाबल मिश्रा ने अपने पुत्र की ओर से पुरस्कार स्वीकार किया। स्पार्क ऑफ लाइट्स एजुकेशन के तत्वावधान में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य पर निबंध लेखन प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने और भाग लेने के लिए 16 वर्ष से कम और 16 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के छात्रों को नकद पुरस्कार, पदक और प्रमाण पत्र दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.