भारत में 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के अंतिम दिन मंगलवार सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने जनता से कहा कि “आपकी तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है।”

पीएम ने देशवासियों से कहा कि “लॉकडाउन के दौरान जनता के सामने अनेक दिक्कते आई हैं लेकिन आप देश की खातिर, एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं।
हमारे संविधान में जिस “हम भारत के लोग” की शक्ति की बात कही गई है उसे देशवासियों ने साबित किया।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि “जब भारत में कोरोना के सिर्फ 550 केस थे तभी देश ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया।”

उन्होंने कहा कि कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, इसे लेकर मैंने राज्यों के साथ निरंतर बात की है।”

पीएम मोदी ने कहा कि, “अधिकतर राज्यों का यही सुझाव है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा।”
पीएम मोदी ने कहा कि 3 मई तक हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए।”

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना हॉटस्पॉट को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी कड़ी नजर रखनी होगी ताकि और हॉटस्पॉट न बन पाए क्योंकि यह हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा।

पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन में कहा कि, अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है इसका मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान जो क्षेत्र इस चुनौती को पार कर लेता है, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसलिए न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। उन्होंने कहा कि कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी।

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