कृषि कानूनों से सिर्फ पंजाब के किसानों को ग़लतफ़हमी: नरेन्द्र सिंह तोमर

चिरौरी न्यूज़

नई दिल्ली: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज राज्यसभा में कहा कि कृषि कानूनों से सिर्फ पंजाब के लोगों को ग़लतफ़हमी है और किसी भी राज्य के किसानों को इस से कोई समस्या नहीं है। आज राज्यसभा में बहस के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों को कृषि कानूनों को लेकर कुछ गलतफहमी है, क्योंकि वहां की व्यवस्था अलग है।

उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं सरकार कानूनों में संशोधन के लिए तैयार है। किसान बतायें कि उनकी आपत्ति कहां-कहां पर है। सरकार अगर संशोधन के लिए तैयार है, तो इसका यह मतलब नहीं है कि कानून में किसी तरह की कोई खराबी है। किसान देश की ताकत हैं और सरकार उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार गांव, गरीब और किसानों के हित के लिए काम करती है। कृषि कानून उनकी आय दोगुनी करने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए लाया गया है। विपक्ष इसे काला कानून कहते हैं, जरा विपक्ष बताये कि इसमें काला क्या है?

बता दें कि आज जब राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने एकबार फिर नये कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर सरकार को घेरा और इन कानूनों को वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने 26 जनवरी को लाल किले में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किए जाने की घटना की जांच कराए जाने पर भी बल दिया।

शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है और किसानों के लिए खालिस्तानी, आतंकवादी जैसे शब्दों का उपयोग किया जा रहा है। राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में आगे हो रही चर्चा में भाग लेते हुए राउत ने आरोप लगाया कि सरकार अपने आलोचकों को बदनाम करने का प्रयास करती है और किसान आंदोलन के साथ भी ऐसा ही किया जा रहा है।

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