भारत बनाएगा अपना पहला स्टेल्थ फाइटर जेट, चीन-पाकिस्तान की बढ़ती ताकत के बीच बड़ा कदम

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: चीन द्वारा पाकिस्तान को स्टेल्थ फाइटर जेट तेजी से उपलब्ध कराने की खबरों के बीच भारत ने भी अपने स्वदेशी स्टेल्थ लड़ाकू विमान बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के अब तक के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान – देश के पहले स्टेल्थ एयरक्राफ्ट – के निर्माण के लिए एक फ्रेमवर्क को मंजूरी दी है।
यह विमान ट्विन-इंजन और 5वीं पीढ़ी का सैन्य लड़ाकू विमान होगा, जिसे सरकारी संस्था एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) विकसित करेगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, एडीए जल्द ही इस परियोजना के लिए सार्वजनिक और निजी रक्षा कंपनियों से रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित करेगी। परियोजना में केवल भारतीय कंपनियों को भाग लेने की अनुमति होगी, जो अकेले या किसी संयुक्त उद्यम के माध्यम से बोली लगा सकती हैं।
यह निर्णय मार्च में एक शीर्ष रक्षा समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना है, साथ ही सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर दबाव को कम करना है। HAL पहले से ही एलसीए तेजस परियोजना में देरी का सामना कर रहा है, जिसमें अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक द्वारा इंजन की धीमी आपूर्ति को एक प्रमुख कारण बताया गया है।
इस बीच, भारत की DRDO भी स्वदेशी इंजन ‘GTRE GTX-35VS कावेरी’ विकसित करने में लगी हुई है, जो मुख्य रूप से तेजस फाइटर जेट के लिए बनाया जा रहा है।
वर्तमान में भारतीय वायुसेना में केवल 31 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत क्षमता 42 स्क्वाड्रन की है। वहीं दूसरी ओर, चीन न केवल अपनी वायुसेना का तेजी से विस्तार कर रहा है, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत को भी मजबूत कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान को अपने सबसे उन्नत स्टेल्थ फाइटर जेट – शेनयांग J-35 – की पेशकश की है, जो एक सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन, ऑल-वेदर, मल्टी-रोल स्टेल्थ कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। माना जा रहा है कि यह विमान पाकिस्तान को रियायती दर पर दिया जा सकता है।
चीन ने पहले ही अपनी 6वीं पीढ़ी के फाइटर जेट J-36 का परीक्षण कर लिया है, जिसे चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने विकसित किया है। ऐसे में भारत के लिए अपने स्वदेशी स्टेल्थ एयरक्राफ्ट का निर्माण एक रणनीतिक आवश्यकता बन गई है।
