टॉमी जेनेसिस के म्यूजिक वीडियो ‘True Blue’ पर विवाद, हिंदू देवी काली का रूप धारण करने पर सोशल मीडिया पर विरोध

Controversy over Tommy Genesis' music video 'True Blue', protest on social media for impersonating Hindu goddess Kaliचिरौरी न्यूज

टोरंटो/नई दिल्ली: कनाडाई रैपर और मॉडल जेनेसिस यास्मीन मोहनराज, जिन्हें उनके मंच नाम टॉमी जेनेसिस के नाम से जाना जाता है, अपने नए म्यूजिक वीडियो ‘True Blue’ को लेकर विवादों में घिर गई हैं। वीडियो में उन्होंने हिंदू देवी काली का रूप धारण किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें धार्मिक भावनाओं के अपमान का दोषी ठहराया है।

वीडियो में टॉमी जेनेसिस नीले रंग में रंगे शरीर, लाल बिंदी, सोने की बिकिनी, मांग टीका, चूड़ियाँ और पारंपरिक भारतीय आभूषणों के साथ नजर आती हैं। इसके साथ ही वह वीडियो में ‘नमस्ते’ की मुद्रा में हाथ जोड़ते हुए और ईसाई धर्म के क्रूस को चाटते हुए भी दिखाई देती हैं।

❝ दो धर्मों का अपमान एक साथ ❞

इस दृश्य के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर लोग गुस्से में हैं। कई यूज़र्स ने इसे हिंदू और ईसाई धर्मों का अनादर बताते हुए वीडियो को हटाने और माफ़ी माँगने की मांग की है।

एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने लिखा, “अभी-अभी टॉमी जेनेसिस को सुना, जिनका असली नाम जेनेसिस यास्मीन मोहनराज है। वह भारतीय पृष्ठभूमि से हैं – केरल और तमिलनाडु से। उनके नए वीडियो में हिंदू और ईसाई दोनों धर्मों का खुलेआम मज़ाक उड़ाया गया है। यह कला नहीं, अपमान है। आश्चर्य है कि यह अभी भी YouTube पर है।”

एक अन्य ने कहा, “आप एक ऐसे धर्म का अपमान कर रही हैं जो सभ्यता जितना पुराना है। @tommygenesis कृपया यह वीडियो हटाएँ और सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें। ये ‘क्रिएटिविटी’ नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विनियोग और धार्मिक भावनाओं का शोषण है।”

टॉमी जेनेसिस: विवादों से घिरी कलाकार

34 वर्षीय टॉमी जेनेसिस, जिनका जन्म एक तमिल पिता और स्वीडिश माता के घर हुआ था, एक भूमिगत रैपर के तौर पर उभरी थीं। वह अपने गीतों में विद्रोह, कामुकता और स्व-परिभाषा जैसे विषयों को उठाने के लिए जानी जाती हैं।

उन्होंने 2015 में Awful Records से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में Universal Music के साथ भी जुड़ीं। उनके प्रमुख एल्बमों में ‘Tommy Genesis’ (2018) और ‘Goldilocks X’ (2021) शामिल हैं।

धार्मिक भावनाओं पर चोट या क्रिएटिव एक्सप्रेशन?

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कला की स्वतंत्रता और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन कहां होना चाहिए। जहां कुछ लोग इसे ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ बता रहे हैं, वहीं अधिकांश इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता और धार्मिक अपमान करार दे रहे हैं।

अब यह देखना बाकी है कि क्या टॉमी जेनेसिस इस आलोचना का कोई जवाब देती हैं या वीडियो पर कोई कार्रवाई होती है। इस बीच, सोशल मीडिया पर #RespectReligions और #RemoveTrueBlueVideo जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

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