धर्मांतरण रैकेट: ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग का मामला, ‘छांगुर बाबा’ उर्फ जमालुद्दीन समेत चार गिरफ्तार

Conversion racket: ED registers money laundering case, four arrested including 'Changur Baba' alias Jamaluddinचिरौरी न्यूज

लखनऊ/बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में हाल ही में उजागर हुए एक संगठित धर्मांतरण रैकेट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह मामला धार्मिक रूपांतरण के जरिए अवैध धन की उत्पत्ति (proceeds of crime) की जांच के तहत प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है।

यह जांच यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा गौमती नगर थाने में दर्ज की गई FIR के आधार पर शुरू हुई है, जिसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) और उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2021 की धाराएं लगाई गई थीं।

कौन हैं आरोपी?

ATS ने अब तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है:

  • जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा (मुख्य आरोपी)
  • नवीन उर्फ जमालुद्दीन
  • महबूब (छांगुर बाबा का बेटा)
  • नीतू उर्फ नसरीन

चारों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

क्या थे आरोप?

पुलिस ने कहा है कि यह गिरोह संगठित तरीके से हिंदू और अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों के लोगों को इस्लाम में परिवर्तित कर रहा था।
इसमें गरीब, मजबूर मजदूर, समाज के कमजोर वर्गों और विधवा महिलाओं को धार्मिक रूपांतरण के लिए प्रलोभन, वित्तीय सहायता, शादी के झांसे और डर-धमकियों के ज़रिए मजबूर किया जाता था।

पुलिस का यह भी कहना है कि धार्मिक रूपांतरण की निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर यह गिरोह अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

ED कर रही है धन के स्रोत की जांच

प्रवर्तन निदेशालय अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस धर्मांतरण रैकेट से कितनी अवैध धनराशि उत्पन्न हुई, और यह धन किस-किस माध्यम से प्रयोग में लाया गया। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में आरोपी व्यक्तियों से पूछताछ की जाएगी।

सीएम योगी ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इस मामले को “समाज और राष्ट्र दोनों के खिलाफ साजिश” करार दिया। उन्होंने कहा, राज्य में कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी। आरोपियों और उनके गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की संपत्तियों को जब्त किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि धार्मिक रूपांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे में किस तरह संगठित गिरोह सक्रिय हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई ने इस नेटवर्क को उजागर किया है, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक फंडिंग से जुड़ी कड़ियाँ कहां तक पहुंचती हैं।

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