हरभजन सिंह का बड़ा बयान: “देश सबसे पहले, पाकिस्तान से क्रिकेट नहीं खेलनी चाहिए”

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों के बहिष्कार की अपनी मांग दोहराई है। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) 2025 में भारत और पाकिस्तान के दो मुकाबले भारतीय खिलाड़ियों द्वारा खेलने से इनकार करने के कारण रद्द कर दिए गए थे। हरभजन सिंह, शिखर धवन, युवराज सिंह, इरफान पठान जैसे दिग्गजों ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई थी। इसी बीच एशिया कप 2025 का कार्यक्रम घोषित हुआ, जिसमें भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है।
भारत और पाकिस्तान के संभावित मुकाबले को लेकर जहां पूर्व क्रिकेटर, फैन्स और विशेषज्ञ चर्चा में लगे हुए हैं, वहीं हरभजन सिंह बीसीसीआई के इस फैसले से नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब हमारे सैनिक सीमा पर देश की सुरक्षा कर रहे हैं, तब पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलना किसी भी स्तर पर सही नहीं ठहराया जा सकता।
हरभजन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “उन्हें समझना चाहिए कि क्या जरूरी है और क्या नहीं। हमारे देश के वो जवान जो सीमा पर तैनात हैं, जिनकी फैमिली उन्हें महीनों तक नहीं देख पाती, जो कभी-कभी शहीद हो जाते हैं और घर नहीं लौटते — उनकी कुर्बानी हमारे लिए सबसे बड़ी है। उसके मुकाबले एक क्रिकेट मैच न खेलना बहुत छोटी सी बात है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार का भी यही रुख है — ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।’ जब सीमा पर लड़ाई हो रही हो, दोनों देशों के बीच तनाव हो, तो फिर क्रिकेट खेलने का कोई औचित्य नहीं बनता। जब तक ये बड़े मसले हल नहीं हो जाते, क्रिकेट कोई मायने नहीं रखता। देश सबसे पहले आता है।”
हरभजन सिंह ने बीसीसीआई के ‘क्रिकेटिंग कारणों’ को खारिज करते हुए कहा कि देश से बड़ा कुछ भी नहीं है। “हमारी जो भी पहचान है, वो इसी देश की वजह से है। चाहे आप खिलाड़ी हों, अभिनेता हों या कोई और — कोई भी देश से बड़ा नहीं है। देश सबसे ऊपर है, और उसके प्रति हमारे कर्तव्य सबसे जरूरी हैं। एक क्रिकेट मैच न खेलना, देश के सामने बहुत मामूली बात है।”
हरभजन ने सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए कहा, “हमारे देश का वो जवान जो सरहद पर खड़ा है, उनकी फैमिली जो कई बार उन्हें नहीं देख पाती, उनकी शहादत हो जाती है, वो घर वापस नहीं लौटते — उनकी इतनी बड़ी कुर्बानी होती है हमारे लिए। और हम एक क्रिकेट मैच नहीं छोड़ सकते? हमारे भाई सीमा पर खड़े हैं, जो हमें और हमारे देश को प्रोटेक्ट कर रहे हैं। देखिए उनके हौसले को, कितने बड़े दिल से वो वहां खड़े हैं। और जब वो घर वापस नहीं लौटते तो उनके परिवार पर क्या गुजरती है। और हम क्रिकेट खेलने चले जाते हैं।”
हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि न केवल खिलाड़ियों को पाकिस्तान से दूरी बनानी चाहिए, बल्कि मीडिया को भी पाकिस्तान से जुड़ी प्रतिक्रियाओं को प्रमुखता नहीं देनी चाहिए। “मैंने पहले भी कहा था कि खिलाड़ियों को पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाना चाहिए, और मीडिया को भी उनकी बातें और रिएक्शन्स टीवी पर नहीं दिखाने चाहिए। वो अपने देश में जो चाहे बोलें, लेकिन हमें उन्हें हाईलाइट नहीं करना चाहिए।”
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 का ग्रुप स्टेज मुकाबला 14 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा।
