प्रधानमंत्री मोदी की सफल जापान यात्रा: भारत-जापान संबंधों में नया मोड़

Prime Minister Modi's successful visit to Japan: A new turn in India-Japan relationsचिरौरी न्यूज

टोक्यो/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय आधिकारिक जापान यात्रा को बेहद सफल और “उत्पादक” करार दिया गया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उत्पादक यात्रा के दौरान उत्पादक परिणाम। आने वाले समय में भारत-जापान मित्रता नई ऊंचाइयों को छुए!”

यह बयान उस समय आया जब भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 29-30 अगस्त को टोक्यो में हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों के परिणामों की आधिकारिक सूची जारी की।

मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस यात्रा में भारत-जापान “विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी” के ढांचे के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण समझौतों और पहल की घोषणा की गई।

यात्रा की प्रमुख उपलब्धियों में “नेक्स्ट डिकेड के लिए भारत-जापान संयुक्त विजन” का अंगीकरण रहा, जिसमें आर्थिक साझेदारी, तकनीक, स्वास्थ्य, मोबिलिटी, स्थिरता, और उप-राष्ट्रीय सहयोग जैसे 8 प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की 10-वर्षीय रणनीति तय की गई।

सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाई दी गई है। एक नया “संयुक्त सुरक्षा सहयोग घोषणा पत्र” पारित किया गया, जिससे रक्षा साझेदारी को मज़बूती मिलेगी और उभरती क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना किया जा सकेगा।

इसके अलावा, 500,000 लोगों के मानव संसाधन आदान-प्रदान की कार्य योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें अगले पांच वर्षों में 50,000 कुशल भारतीय कामगारों को जापान भेजने का लक्ष्य है।

अन्य प्रमुख समझौतों में शामिल हैं:

  • संयुक्त क्रेडिटिंग मेकेनिज्म पर समझौता, जिससे भारत को अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
  • इंडिया-जापान डिजिटल पार्टनरशिप 2.0, जिसमें डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, AI, सेमीकंडक्टर्स और IoT पर सहयोग होगा।
  • ISRO और JAXA के बीच चंद्रयान-5 मिशन पर सहयोग हेतु कार्यान्वयन समझौता।
  • नए संयुक्त उपक्रमों की भी घोषणा की गई, जैसे:
  • भारत-जापान AI इनिशिएटिव
  • नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप
  • सस्टेनेबल फ्यूल इनिशिएटिव
  • इकोनॉमिक सिक्योरिटी इनिशिएटिव के तहत सप्लाई चेन मजबूत करने का प्रयास

जापान ने भारत में अगले 10 वर्षों में JPY 10 ट्रिलियन (लगभग ₹5.5 लाख करोड़) के निजी निवेश का लक्ष्य भी तय किया है।

इसके साथ ही, दोनों देशों ने राज्य-प्रान्तीय स्तर पर सहयोग को भी बढ़ावा देने, उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, और कांसाई और क्यूशू क्षेत्रों में क्षेत्रीय व्यापार मंचों की स्थापना पर सहमति जताई।

EA की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह यात्रा भारत-जापान संबंधों में एक नई गति और गहराई लेकर आई है, जो तकनीक, स्थिरता, आर्थिक विकास और रणनीतिक साझेदारी जैसे साझा लक्ष्यों को सुदृढ़ करती है।

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