वंदे मातरम पर बहस को सरकार का ध्यान भटकाने वाला कदम करार देते हुए प्रियंका गांधी का आरोप
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को वंदे मातरम पर चल रही बहस को सरकार की ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया और कहा कि राष्ट्रीय गीत देश की आत्मा का हिस्सा है और “इस पर कोई बहस नहीं हो सकती।”
लोकसभा में वंदे मातरम पर विशेष चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि यह “अनावश्यक” बहस सत्ता पक्ष द्वारा बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले नई कथाएँ गढ़ने और स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ आरोप लगाने के उद्देश्य से बुलाई गई है ताकि जनता का ध्यान वर्तमान मुद्दों से हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार देश में मौजूद युवाओं की समस्याओं, नौकरी की कमी, आरक्षण से वंचित जरूरतमंद, महिलाओं पर हो रहे अन्याय और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा नहीं चाहती, बल्कि पुराने मामलों को उठाकर ध्यान भटकाना चाहती है।
प्रियंका गांधी ने कहा, “सच्चाई यह है कि उनकी राजनीति घमंड, दिखावा, इवेंट मैनेजमेंट और चुनाव से चुनाव तक ही चलती है।” उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि वह वास्तविक मुद्दों पर बहस करे, जिनकी वजह से जनता असंतुष्ट है।
सांसद ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कई सदस्य भी सरकार की अत्यधिक केंद्रीकरण की वजह से असंतुष्ट हैं। प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी की दो बातें भी सराहनीय बताईं – एक, उनकी वक्तृत्व कला, भले ही भाषण लंबे हों, और दूसरा, उनके पहले सालों में प्रधानमंत्री के रूप में नीति निर्धारण और आत्मविश्वास।
हालांकि, उनका मुख्य आरोप यह था कि पीएम मोदी अब उतने आत्मविश्वासी नहीं दिखते और उनकी विदेश नीति देश की छवि को प्रभावित कर रही है। वंदे मातरम को लेकर पीएम मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की आलोचना पर प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय नेताओं के बीच इस गीत को लेकर लिए गए निर्णयों के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा नहीं किया, जैसे डॉ. बी.आर. अंबेडकर और सुभाष चंद्र बोस के दृष्टिकोण। उन्होंने नेहरू का एक पत्र भी पढ़ा जिसमें उन्होंने कुछ हिस्सों को हटाने की मांग को सांप्रदायिक मानसिकता बताया था।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय गीत कांग्रेस की रक्त में है और रहेगा, और कांग्रेस को पुराने विवादों में उलझाया नहीं जा सकता।
