कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’ के बारे में अनभिज्ञता जताई

Shashi Tharoor not in Congress debate list for special discussion on Operation Sindoor
(File Photo/Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उन्हें ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’ के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिसे आज यानी 10 दिसंबर को दिल्ली में दिया जाना था। थरूर ने कहा कि उन्हें इस अवॉर्ड के चयन की सूचना केवल मीडिया रिपोर्ट्स से ही मिली।

उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “मुझे मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि मुझे ‘वीर सावरकर अवॉर्ड’ के लिए चुना गया है, जो आज दिल्ली में प्रदान किया जा रहा है। मुझे इसके बारे में कल ही केरल में पता चला, जहाँ मैं स्थानीय स्व-शासन चुनाव में मतदान करने गया था। वहाँ तिरुवनंतपुरम में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मैंने स्पष्ट किया कि मुझे न तो इस अवॉर्ड की जानकारी थी, न ही मैंने इसे स्वीकार किया है। आयोजकों की तरफ से बिना मेरी अनुमति मेरे नाम की घोषणा करना गैर-जिम्मेदाराना था।”

थरूर ने आगे कहा, “इसके बावजूद आज दिल्ली में कुछ मीडिया आउटलेट वही सवाल उठा रहे हैं। इसलिए मैं यह बयान जारी कर मामले को स्पष्ट करना चाहता हूँ। अवॉर्ड के स्वरूप, इसे देने वाले संगठन या अन्य संदर्भ संबंधी जानकारी के बिना, मेरे लिए इस कार्यक्रम में शामिल होना या अवॉर्ड लेना संभव नहीं है।”

वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2025 नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इसे हाई रेंज रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी (HRDS) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो नीति निर्माताओं, सामाजिक नेताओं, विद्वानों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को एक साथ लाकर समाज में बदलाव लाने वाले योगदानों को पहचानने के लिए समर्पित है।

यह समारोह NDMC कन्वेंशन हॉल में होगा, जिसमें ऐसे व्यक्तियों और संगठनों को उजागर किया जाएगा, जिनके कार्य ने राष्ट्रीय विकास, सामाजिक सुधार और मानवीय सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।

इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उद्घाटन करेंगे। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे, साथ ही सार्वजनिक जीवन, प्रशासन, शिक्षा और विकास क्षेत्र के कई प्रमुख मेहमान भी शामिल होंगे।

यह अवॉर्ड वीर सावरकर की विरासत से जुड़ा है, जिनका योगदान आज भी भारत की राजनीतिक और सामाजिक सोच पर प्रभाव डालता है और बहस व चिंतन को प्रेरित करता है।

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