छोटे शहरों में बड़े पर्दे की वापसी: जम्मू-कश्मीर के सेंटर्स पर ‘धुरंधर’ हाउसफुल
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जैसे छोटे शहरों में फिल्म धुरंधर को मिल रहा ज़बरदस्त रिस्पॉन्स यह संकेत देता है कि उन इलाकों में थिएट्रिकल सिनेमा के प्रति दर्शकों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ रही है, जहां पारंपरिक तौर पर फिल्मों का प्रदर्शन सीमित रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सेंटर्स पर फिल्म के कई शो हाउसफुल रहे हैं और ऑक्यूपेंसी लेवल लगातार ऊंचा बना हुआ है।
ट्रेड सूत्रों का कहना है कि यह सफलता इस बात को रेखांकित करती है कि जब फिल्मों की उपलब्धता आसान हो और टिकट कीमतें स्थानीय आर्थिक हकीकतों के मुताबिक रखी जाएं, तो दर्शक बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख करते हैं। जिन इलाकों में बड़े मल्टीप्लेक्स का इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है, वहां भी धुरंधर ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
फिल्म के इस प्रदर्शन को जम्मू-कश्मीर में छोटे फॉर्मेट के थिएटर चलाने वाली मल्टीप्लेक्स चेन सिटारा का सपोर्ट मिला है। सिटारा प्लेक्स के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल नेहरा ने कहा, “हमारा फोकस हमेशा छोटे बाजारों के लिए सही साइज़ के सिनेमा बनाने पर रहा है। शोपियां और पुलवामा जैसे शहरों में धुरंधर को मिला रिस्पॉन्स हमारे इस विश्वास को और मज़बूत करता है कि जब अनुभव किफायती, आसानी से उपलब्ध और घर के पास होता है, तो दर्शक थिएटर तक ज़रूर आते हैं।”
उद्योग जानकारों के अनुसार, शोपियां और पुलवामा जैसे शहरों के थिएटर बड़े मल्टीप्लेक्स चेन से प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे, बल्कि वे सिनेमा इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को पूरा कर रहे हैं। इन बाजारों में धुरंधर की सफलता वैकल्पिक और लो-कॉस्ट एग्जिबिशन मॉडल की व्यवहारिकता को दर्शाती है।
भारत में, खासकर मेट्रो शहरों के बाहर, अब भी सिनेमा स्क्रीन की भारी कमी है। पिछले एक दशक में मल्टीप्लेक्स विस्तार से स्क्रीन की संख्या बढ़ी है, लेकिन ऊंची ऑपरेटिंग कॉस्ट, बड़ी सीटिंग कैपेसिटी और प्रीमियम कीमतों के कारण कई टियर-2 और टियर-3 बाजारों में ऑक्यूपेंसी प्रभावित हुई है। इसके उलट, नियंत्रित क्षमता और कम लागत वाले छोटे थिएटरों को एक टिकाऊ समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर भी अपनी शानदार दौड़ जारी रखे हुए है। फिल्म ने रिलीज़ के महज़ 10 दिनों में 350 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली है और दूसरे हफ्ते में भी इसका दबदबा बना हुआ है। दूसरे रविवार के कलेक्शन में फिल्म ने पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया है और अब इसकी नज़र KGF: चैप्टर 2 के लाइफटाइम रिकॉर्ड पर टिकी हुई है।
