प्रधानमंत्री की जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान यात्रा, द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने आज तीन देशों—जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान—की बहुप्रतीक्षित यात्रा से पहले अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये यात्रा उन देशों के साथ भारत के व्यापक समकालीन द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव को मजबूत करने का अवसर है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सबसे पहले वह महामहिम किंग अब्दुल्ला द्वितीय इब्न अल हुसैन के निमंत्रण पर जॉर्डन का दौरा करेंगे। यह यात्रा भारत और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर ऐतिहासिक महत्व रखती है। अम्मान में प्रधानमंत्री किंग अब्दुल्ला द्वितीय, प्रधानमंत्री जाफ़र हसन और क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह वहां की भारतीय समुदाय से भी संवाद करेंगे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों में योगदान दिया है।
इसके बाद प्रधानमंत्री इथियोपिया जाएंगे। यह भारत और इथियोपिया के बीच पहली आधिकारिक यात्रा होगी। अदीस अबाबा में प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली से विस्तार से चर्चा करेंगे और भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का अवसर भी मिलेगा, जिसमें वह भारत-इथियोपिया साझेदारी और ग्लोबल साउथ के लिए इसके महत्व पर अपने विचार साझा करेंगे।
प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा ओमान की सल्तनत में होगी, जहां भारत और ओमान के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया जाएगा। मस्कट में वह महामहिम सुल्तान से मुलाकात करेंगे और भारत-ओमान की रणनीतिक, वाणिज्यिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री ओमान में भारतीय समुदाय के सामने भी अपने विचार रखेंगे, जिन्होंने दोनों देशों के बीच विकास और साझेदारी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को तीनों देशों के साथ भारत के समग्र संबंधों को और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
