कर्नाटक के बाद अब तेलंगाना में ‘हेट स्पीच’ बिल लाने का बड़ा ऐलान

चिरौरी न्यूज
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को एलबी स्टेडियम में आयोजित क्रिसमस समारोह के दौरान ऐलान किया कि उनकी सरकार राज्य में ‘हेट स्पीच’ के खिलाफ कानून पेश करेगी। इस कानून का मसौदा आगामी बजट सत्र में विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। उनका कहना था कि हर नागरिक को अपना धर्म मानने की आज़ादी है और अल्पसंख्यकों के लिए कल्याण सरकारी दया नहीं बल्कि उनका अधिकार है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था उन लोगों को सज़ा देने पर केंद्रित होगी, जो किसी धर्म का अपमान या नफरत फैलाने वाले बयानों को फैलाते हैं। मौजूदा कानूनों में संशोधन कर इसे और भी सख्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा, “हम ऐसे लोगों के खिलाफ कानून लाएंगे जो अन्य धर्मों का अपमान करते हैं और नफरत फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं।” उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार सभी धर्मों को सम्मान देगी और राज्य में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है।
कर्नाटक का ‘हेट स्पीच और हेट क्राइम्स बिल, 2025’ — क्या है इसमें?
तेलंगाना का प्रस्तावित कानून कर्नाटक में हाल ही में पारित हुए हेट स्पीच बिल की तर्ज पर होगा। कर्नाटक विधानसभा ने हेट स्पीच और हेट क्राइम्स (रोकथाम) बिल, 2025 को मंज़ूरी दी है, जिसे सबसे पहले ऐसे कानूनों में से एक माना जाता है जिसका मकसद समाज में नफरत फैलाने वाली भाषा और कार्यों को रोकना है।
मुख्य प्रावधान:
- पहले अपराध के लिए 1 साल से 7 साल तक जेल और ₹50,000 तक जुर्माना।
- दोहरा अपराध होने पर सज़ा कम से 2 साल और जुर्माना ₹1 लाख तक।
- सभी अपराध गैर-जमानती (Non-bailable) और पकड़ योग्य (Cognizable) होंगे।
- कानून में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पर नियंत्रण का प्रावधान है; संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन नफरत फैलाने वाली सामग्री हटाने का अधिकार मिलेगा।
- यह कानून उन व्यक्तियों व संगठनों पर भी लागू होगा जो किसी समुदाय, धर्म या वर्ग के खिलाफ नफरत फैलाते हैं।
कर्नाटक में इस बिल के दौरान विपक्षी दलों, खासकर भाजपा के विधायकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और विरोध जताया। सरकार का कहना है कि यह कानून सामाजिक सद्भाव बनाये रखने के लिए आवश्यक है।
