एशेज में करारी हार के बाद दबाव में ब्रेंडन मैकुलम, ECB करेगी समीक्षा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम इस समय भारी दबाव में हैं। मेलबर्न में खेले गए चौथे टेस्ट में जीत से पहले इंग्लैंड को तीसरे एशेज टेस्ट में 82 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने महज 11 दिनों के भीतर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली और एशेज सीरीज़ अपने नाम कर ली।
तीसरे टेस्ट की हार ने ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड के लंबे समय से चले आ रहे खराब रिकॉर्ड को और गहरा कर दिया। इंग्लैंड की ऑस्ट्रेलिया में जीत का सूखा अब 18 टेस्ट मैचों तक पहुंच चुका है, जिसमें सिर्फ दो मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। इस प्रदर्शन ने इंग्लैंड की आक्रामक ‘बैज़बॉल’ रणनीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे कभी ऑस्ट्रेलिया में उलटफेर की उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा था।
ECB की नजर मैकुलम पर, शीर्ष अधिकारी सिडनी पहुंचे
इसी बीच, डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के चीफ एग्जीक्यूटिव रिचर्ड गोल्ड सिडनी पहुंच गए हैं, जहां पांचवां और आखिरी एशेज टेस्ट खेला जाना है। उनके साथ ECB के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन भी मौजूद रहेंगे। दोनों अधिकारी एशेज में मिली हार के कारणों की गहन समीक्षा करेंगे और टीम के प्रदर्शन का आकलन करेंगे।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा। फरवरी के पहले सप्ताह में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को देखते हुए ECB फिलहाल स्थिरता बनाए रखना चाहता है।
नतीजों में गिरावट, आंकड़े भी बढ़ा रहे चिंता
2022 की गर्मियों में ब्रेंडन मैकुलम की नियुक्ति के बाद इंग्लैंड ने शुरुआत में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन समय के साथ नतीजों में गिरावट साफ नजर आने लगी है। 2024 की शुरुआत से इंग्लैंड ने 12 टेस्ट जीते हैं, जबकि 13 मुकाबलों में उसे हार मिली है। मैकुलम और कप्तान बेन स्टोक्स की जोड़ी का कुल रिकॉर्ड अब 44 टेस्ट में 25 जीत और 17 हार का हो गया है।
हालिया एशेज हार का एक और अहम पहलू यह है कि मैकुलम-स्टोक्स की अगुवाई में इंग्लैंड चारों मौकों पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ जीतने में नाकाम रहा है।
अपने भविष्य को लेकर बोले मैकुलम
ब्रेंडन मैकुलम ने भी स्वीकार किया है कि उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन उन्होंने कोच के रूप में आगे काम जारी रखने की इच्छा जताई है। ESPNcricinfo से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या वह 2026 की इंग्लिश गर्मियों की शुरुआत में भी टेस्ट टीम के कोच होंगे, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता। यह वास्तव में मेरे हाथ में नहीं है, है ना?”
मैकुलम ने साफ किया कि वह अपने भविष्य को लेकर चिंता करने के बजाय अपने काम पर फोकस करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “मैं बस अपना काम करता रहना चाहता हूं, यहां हुई गलतियों से सीखना चाहता हूं और जरूरी बदलाव करने की कोशिश करूंगा। ये सवाल किसी और के लिए हैं, मेरे लिए नहीं। यह एक बहुत अच्छी नौकरी है और इसमें काफी मज़ा आता है।”
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि उन्हें कोचिंग करना, टीम के साथ दुनिया घूमना और रोमांचक क्रिकेट खेलना पसंद है।
“मेरे लिए कोचिंग का मतलब है खिलाड़ियों से उनका सर्वश्रेष्ठ निकलवाना और मिलकर जितना संभव हो उतना हासिल करना।”
अब देखना यह होगा कि पांचवें टेस्ट के बाद ECB क्या रुख अपनाता है और क्या ‘बैज़बॉल’ युग में इंग्लैंड क्रिकेट किसी बड़े बदलाव की ओर बढ़ता है या नहीं।
