इगा स्वियाटेक ने ‘बैटल ऑफ़ द सेक्सेस’ मैच की ज़रूरत पर उठाए सवाल: “महिला टेनिस अपने दम पर मज़बूत है”  

Iga Swiatek questioned the need for a ‘Battle of the Sexes’ match: “Women’s tennis is strong enough on its own.”
(File Pic Credit: Iga Swiatek)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: पूर्व वर्ल्ड नंबर वन टेनिस खिलाड़ी इगा स्वियाटेक ने निक किर्गियोस और एरीना सबालेंका के बीच हाल ही में खेले गए ‘बैटल ऑफ़ द सेक्सेस’ एग्ज़िबिशन मैच को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। स्वियाटेक का मानना है कि इस तरह के मुकाबलों की मौजूदा दौर में कोई खास ज़रूरत नहीं है और इससे टेनिस को वास्तविक रूप से कोई ठोस फायदा नहीं मिला।

यूनाइटेड कप से पहले मीडिया से बातचीत में स्वियाटेक ने कहा कि इस मैच ने भले ही लोगों का ध्यान खींचा हो, लेकिन इसका सामाजिक या खेल से जुड़ा महत्व सीमित ही रहा। यह इंटरजेंडर मुकाबला 28 दिसंबर 2025 को दुबई में खेला गया था, जिसे 1973 में बिली जीन किंग और बॉबी रिग्स के ऐतिहासिक मैच के संदर्भ में ‘बैटल ऑफ़ द सेक्सेस’ नाम दिया गया था।

हालांकि, 2025 के इस संस्करण को लेकर कई सवाल खड़े हुए। मैच को लेकर दावा किया गया था कि यह एक गंभीर प्रतिस्पर्धा होगी, लेकिन हकीकत में मुकाबला ज़्यादा एंटरटेनमेंट और दिखावे तक सीमित नजर आया। एरीना सबालेंका ने स्टैंड्स से ग्रैंड एंट्री ली, बैकग्राउंड में ‘आई ऑफ़ द टाइगर’ बजता रहा और मेडिकल टाइम-आउट के दौरान वह डांस करती भी दिखीं।

वहीं, पूरी तरह फिट न होने के बावजूद निक किर्गियोस ने मैच सीधे सेटों में जीत लिया। दूसरे सेट के दौरान थकान के बावजूद, उन्होंने मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे मैच की प्रतिस्पर्धात्मक गंभीरता पर सवाल उठे।

स्वियाटेक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद यह मैच नहीं देखा, लेकिन उनका मानना है कि इस इवेंट और 1973 के ऐतिहासिक मुकाबले के बीच कोई वास्तविक समानता नहीं थी।

उन्होंने कहा, “मैं इस तरह की चीज़ें नहीं देखती। यह ज़रूर है कि इसने ध्यान खींचा, लेकिन मैं नहीं कहूंगी कि इसका किसी सामाजिक बदलाव या महत्वपूर्ण संदेश से कोई लेना-देना था। नाम वही था, लेकिन इसके अलावा कोई समानता नहीं थी।”

महिला टेनिस की मौजूदा स्थिति पर बोलते हुए स्वियाटेक ने ज़ोर देकर कहा कि अब महिला खिलाड़ियों को अपनी पहचान साबित करने के लिए पुरुष टेनिस से तुलना की ज़रूरत नहीं है।

“मुझे लगता है कि महिला टेनिस अपने दम पर खड़ा है। हमारे पास शानदार एथलीट और प्रेरणादायक कहानियाँ हैं। हमें यह दिखाने के लिए किसी ‘बैटल ऑफ़ द सेक्सेस’ मुकाबले की ज़रूरत नहीं है,” उन्होंने कहा।

स्वियाटेक ने यूनाइटेड कप जैसे मिक्स्ड टीम इवेंट्स की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे टूर्नामेंट्स टेनिस को सही मायनों में एकजुट करते हैं।

इस एग्ज़िबिशन मैच को लेकर फैंस की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई रहीं। कई दर्शकों ने इसे एक दिखावा बताया और खेलने की शर्तों की आलोचना की। सबालेंका के लिए कोर्ट का आकार किर्गियोस के कोर्ट से करीब 9 प्रतिशत छोटा रखा गया था और पारंपरिक दो सर्व की बजाय हर पॉइंट पर केवल एक सर्व की अनुमति दी गई थी।

 

हालांकि, आलोचनाओं के बावजूद किर्गियोस और सबालेंका दोनों ने मैच का बचाव करते हुए कहा कि इसने दुनिया भर में चर्चा पैदा की, जो टेनिस के लिए फायदेमंद है।

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