गिल ने कहा, बीच के ओवरों में विकेट नहीं मिलना से बहुत मुश्किल

Gill said, "Not getting wickets in the middle overs makes things very difficult."चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बुधवार को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में सात विकेट से मिली हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम बीच के ओवरों में मौके भुनाने में नाकाम रही। गिल ने कहा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में यदि मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं मिलते, तो मुकाबले पर पकड़ बनाए रखना बेहद कठिन हो जाता है।

मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में गिल ने कहा, “हम बीच के ओवरों में कोई विकेट नहीं निकाल पाए। जब पांच फील्डर अंदर होते हैं और उस फेज में विकेट नहीं मिलते, तो चीजें बहुत मुश्किल हो जाती हैं। भले ही हम 15–20 रन और बना लेते, लेकिन अगर बीच के ओवरों में विकेट नहीं मिलते, तो लक्ष्य को डिफेंड करना बेहद कठिन हो जाता है।”

दोहरी गति वाली पिच पर भारत ने केएल राहुल की शानदार नाबाद पारी की बदौलत 284/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। राहुल ने 92 गेंदों में नाबाद 112 रन बनाए, जो वनडे क्रिकेट में उनका आठवां शतक था। हालांकि, न्यूजीलैंड ने डैरिल मिशेल की 131 रनों की नाबाद पारी के दम पर लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।

मिशेल ने विल यंग के साथ तीसरे विकेट के लिए 152 गेंदों में 162 रनों की अहम साझेदारी की। यंग ने भी 87 रनों की उपयोगी पारी खेली। गिल ने कहा, “इस तरह की विकेटों पर साझेदारी बेहद अहम होती है। एक बार बल्लेबाज सेट हो जाए, तो उसे बड़ी पारी खेलनी होती है, क्योंकि नए बल्लेबाज के लिए खुलकर रन बनाना आसान नहीं होता।”

भारतीय कप्तान ने शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा, “हमने पहले 10 ओवरों में बहुत अच्छी गेंदबाजी की और दबाव बनाया। जिस तरह की शुरुआत हमें मिली थी, उसके बाद हमें लगा कि हम मैच पर पकड़ बना सकते हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में शानदार बल्लेबाजी की।”

गिल ने यह भी माना कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, बल्लेबाजी आसान होती चली गई। “पहले 10–15 ओवरों में गेंद में हल्की मूवमेंट थी, लेकिन 20–25 ओवरों के बाद विकेट काफी सेट हो गया। मुझे लगता है कि बीच के ओवरों में हम गेंदबाजी करते समय थोड़ा और साहस दिखा सकते थे और कुछ अतिरिक्त जोखिम ले सकते थे।”

फील्डिंग को लेकर भी गिल ने टीम की कमजोरियों को स्वीकार किया। “पिछले मैच में भी हमने कुछ मौके गंवाए थे। फील्डिंग ऐसा पहलू है जिसमें हमें लगातार सुधार करना होगा। इस फॉर्मेट में अगर आप मौके नहीं भुनाते, तो उसका खामियाजा हार के रूप में भुगतना पड़ता है।”

उधर, न्यूजीलैंड के कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने सीरीज बराबर करने वाली जीत के लिए अपनी टीम की जमकर तारीफ की।
“यह हमारी ओर से एक संपूर्ण प्रदर्शन था और मुझे अपनी टीम पर गर्व है। हाफवे स्टेज पर हम बेहद संतुष्ट थे। हमारी गेंदबाजी शानदार रही — यह गेंद के साथ एक क्लासिक कीवी प्रदर्शन था।”

उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने को लेकर कहा, “हम किसी भी स्कोर का पीछा करने के लिए तैयार थे। भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की, लेकिन हमारे बल्लेबाजों ने खुद को परिस्थितियों के मुताबिक ढाला और दबाव को शानदार तरीके से संभाला। डैरिल और यंग ने मैच भारत से छीन लिया।”

कुलदीप यादव के खिलाफ मिशेल की आक्रामक रणनीति पर पूछे गए सवाल के जवाब में ब्रेसवेल ने कहा, “हमारे बल्लेबाजों ने हालात को बखूबी पढ़ा। हमें इस बात पर गर्व है कि हम परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं। जेडेन लेनोक्स ने भी बहुत अच्छी गेंदबाजी की। भारत में डेब्यू करना आसान नहीं होता, और उसने काफी चुनौतीपूर्ण ओवर फेंके।”

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