“कोई हिचकिचाहट नहीं, कोई समझौता नहीं”: ज़ुबीन गर्ग की पत्नी ने कहा पूरी सच्चाई बाहर आनी चाहिए

"No hesitation, no compromise": Zubeen Garg's wife said the whole truth must come out.चिरौरी न्यूज

गुवाहाटी: सिंगापुर की अदालत में असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद, उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। गुरुवार को जारी एक विस्तृत बयान में उन्होंने कहा कि सच्चाई की तलाश में परिवार की कोशिशें पूरी तरह कानूनी, निरंतर और विभिन्न न्यायिक क्षेत्रों में की गई हैं।

यह बयान सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट में हुई सुनवाई के एक दिन बाद आया, जहां बताया गया कि 53 वर्षीय गायक की 19 सितंबर 2025 को लाजरस आइलैंड के पास समुद्र में तैरते समय डूबने से मौत हो गई थी। अदालत को यह भी बताया गया कि समुद्र में उतरने से पहले उन्होंने कथित तौर पर शराब का सेवन किया था और लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। यह जानकारी सिंगापुर के अख़बार द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट में सामने आई।

गुरुवार को फेसबुक पर किए गए एक विस्तृत पोस्ट में गरिमा गर्ग ने कहा कि इस दुखद घटना को लेकर जनता में फैली चिंताओं और अनुत्तरित सवालों के बीच परिवार ने “पारदर्शिता, गरिमा और सत्य के सम्मान” के साथ असम के लोगों और संबंधित अधिकारियों के सामने सत्यापित तथ्यों को रखने का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद परिवार गहरे सदमे में था और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुका था, जिसके चलते तत्काल कानूनी कार्रवाई संभव नहीं हो सकी। हालांकि, जब यॉट से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए और मौत की परिस्थितियों पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुए, तो औपचारिक जांच शुरू कराने के लिए तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई।

गरिमा गर्ग ने स्पष्ट किया कि घटना के तुरंत बाद सिंगापुर के अधिकारियों ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस दौरान सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग ने पोस्टमॉर्टम सहित चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रियाओं का समन्वय किया। उन्होंने कहा कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए परिवार ने जानबूझकर सार्वजनिक बयान देने से परहेज किया।

उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य में सुधार के बाद असम सीआईडी में एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। कई महीनों की जांच के बाद असम पुलिस ने 2,500 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें हत्या से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

बुधवार को हुई कोरोनर की सुनवाई का जिक्र करते हुए गरिमा गर्ग ने कहा कि परिवार ने यॉट यात्रा की योजना, सुरक्षा इंतजामों, चिकित्सा इतिहास, आपात प्रतिक्रिया में लगे समय और किसी साजिश से इनकार करने के आधार जैसे अहम सवाल उठाए।

केंद्र और असम सरकार से मामले की कड़ी निगरानी की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार की मांग सिर्फ इतनी है कि जुबीन गर्ग की मौत तक ले जाने वाली घटनाओं की पूरी और पारदर्शी जांच हो। उन्होंने कहा कि सच्चाई सिर्फ परिवार के लिए नहीं, बल्कि असम के लोगों के लिए भी जरूरी है।

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