प्रयागराज: माघ मेला में उमड़ी भीड़, एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी
चिरौरी न्यूज
प्रयागराज: मकर संक्रांति की सुबह होते ही गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। माघ मेला 2026 के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व पर संगम क्षेत्र में करीब 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। यह भीड़ माघ मेला के पैमाने से भी कहीं अधिक रही, जिसने एक बार फिर प्रयागराज को भारत की धार्मिक परंपराओं के केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।
एक दिन पहले एकादशी के अवसर पर भी लगभग 85 लाख श्रद्धालु स्नान के लिए मेला क्षेत्र में पहुंचे थे, जिससे मकर संक्रांति पर रिकॉर्ड भीड़ का अनुमान पहले ही लगाया जा चुका था।
हिंदू परंपरा में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से जुड़ा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति का स्नान विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है, जिसके चलते देश-विदेश से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं।
भोर से ही श्रद्धालु निर्धारित घाटों पर कतारों में खड़े नजर आए और मंत्रोच्चार के साथ अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भारी भीड़ के बावजूद स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
अभूतपूर्व जनसमूह को संभालने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने मेला क्षेत्र में कड़े सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए थे। पूरे दिन वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर डटे रहे और यातायात, भीड़ नियंत्रण व सुरक्षा व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
व्यवस्थाओं की निगरानी करने वालों में अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण, पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, प्रयागराज पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मेला अधिकारी ऋषिराज और मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय शामिल रहे। समय-समय पर फील्ड में तैनात टीमों को निर्देश दिए जाते रहे, ताकि स्नान पर्व शांति और सुव्यवस्था के साथ संपन्न हो सके।
भीड़ को नियंत्रित करने में विशेष परिवहन व्यवस्थाओं की भी अहम भूमिका रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू की गई रैपिडो बाइक सेवा का मकर संक्रांति के दिन व्यापक उपयोग हुआ। एक ही दिन में 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया। मेला शुरू होने के बाद से अब तक 1.38 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को इस माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा चुका है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रशासन ने पर्व के सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक पक्ष पर भी ध्यान दिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी प्रसाद वितरित किया, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और पूरे वातावरण में पर्व की खुशियां और बढ़ गईं।
