ए आर रहमान के बयान पर VHP प्रवक्ता विनोद बंसल का तीखा हमला, ‘घर वापसी’ की दी सलाह
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शनिवार को ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें बॉलीवुड में संभवतः “किसी सांप्रदायिक वजह” से काम कम मिला है। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने न सिर्फ इस बयान को खारिज किया, बल्कि संगीतकार को लेकर विवादित टिप्पणी भी की।
विनोद बंसल ने कहा कि अगर ए आर रहमान को फिर से फिल्म इंडस्ट्री में काम चाहिए, तो उन्हें “घर वापसी” करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि रहमान ने खुद को एक खास वैचारिक गुट से जोड़ लिया है।
हामिद अंसारी का जिक्र, आरोपों की झड़ी
बंसल ने अपने बयान में पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का भी उल्लेख करते हुए कहा, “ऐसा लगता है कि ए आर रहमान भी उसी गुट के नेता बन गए हैं, जिसके एक समय हामिद अंसारी नेता हुआ करते थे।”
उन्होंने दावा किया कि अंसारी ने “10 साल तक संवैधानिक पदों पर रहकर सुविधाएं लीं” और रिटायरमेंट के बाद “भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया।” बंसल ने कहा कि ए आर रहमान कभी सभी भारतीयों, खासकर हिंदुओं के बीच बेहद लोकप्रिय थे, लेकिन अब वह काम न मिलने के लिए “सिस्टम को दोष दे रहे हैं और पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम कर रहे हैं।”
‘पहले हिंदू थे, अब सवाल उठा रहे हैं’: VHP
VHP प्रवक्ता ने रहमान के धर्म परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा, “वह खुद कभी हिंदू थे। उन्होंने इस्लाम क्यों अपनाया? अब घर वापसी करो, शायद फिर से काम मिलने लगे।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान राजनेताओं को शोभा दे सकते हैं, लेकिन एक कलाकार को नहीं।
रहमान का पक्ष: ‘मैं काम की तलाश में नहीं’
दरअसल, ए आर रहमान ने हाल ही में BBC एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वह वर्षों से बॉलीवुड में खुद को “बाहरी” महसूस कर रहे हैं और पिछले आठ सालों में उन्हें कई प्रोजेक्ट्स गंवाने पड़े हैं। संभावित कारणों पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह कोई सांप्रदायिक वजह भी हो सकती है, लेकिन यह मेरे सामने खुलकर नहीं आई है।”
हालांकि, रहमान ने यह भी साफ किया कि वह सक्रिय रूप से काम की तलाश में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं इसे अच्छा मानता हूं। मुझे अपने परिवार के साथ ज्यादा समय मिलता है। मैं काम के पीछे नहीं भागता। मैं चाहता हूं कि काम अपनी ईमानदारी के साथ मेरे पास आए। जो मैं डिजर्व करता हूं, वही मुझे मिलता है।”
ए आर रहमान के बयान और उस पर VHP की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला अब सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धर्म, पहचान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है।
