संबित पात्रा का ममता बनर्जी पर तीखा हमला, ‘सोनार बंगला’ को बना दिया ‘भय बंगला’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने ‘सोनार बंगला’ (स्वर्णिम बंगाल) को ‘भय बंगला’ (डर का बंगाल) में बदल दिया है और राज्य में तुष्टिकरण व विभाजन की राजनीति कर रही हैं।
नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पात्रा ने कहा कि बंगाल का भारत की सभ्यता और राष्ट्रीय इतिहास में विशेष स्थान रहा है, लेकिन मौजूदा हालात पर बात करना बेहद दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के शासन में बंगाल का प्रशासनिक स्वरूप “बेहद चिंताजनक” हो गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “टीएमसी का मतलब अब ‘तुष्टिकरण, माफिया और घुसपैठियों द्वारा अपराध’ हो गया है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सत्ता बचाने के लिए समाज को बांटने वाली राजनीति कर रही हैं। पात्रा ने सवाल उठाया, “क्या बंगाल भारत का हिस्सा नहीं है?”
SIR प्रक्रिया को लेकर हिंसा के आरोप
संबित पात्रा ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया देश के कई राज्यों में चल रही है और वर्ष 2003 में भी संसद में चर्चा के साथ यह प्रक्रिया हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में SIR को रोकने के लिए असंवैधानिक तरीकों और हिंसा का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तक सुरक्षित नहीं हैं। “उन पर इतना दबाव डाला जा रहा है कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीडीओ कार्यालय और कर्मचारियों पर ऐसे हमले हो रहे हैं जैसे वह दुश्मन का इलाका हो,” पात्रा ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में एक BLO कार्यालय पर हमला किया गया, जो कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक मनीरुल इस्लाम की मौजूदगी में हुआ। पात्रा ने विधायक के हवाले से कहा, “यहां राम से कागज नहीं मांगा जाता, रहीम का ही कागज चेक किया जाता है।”
घुसपैठियों को बचाने का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं ताकि उनके वोटों से चुनाव जीता जा सके। उन्होंने कहा, “यह राम-रहीम की कहानी नहीं, रोहिंग्याओं की कहानी है। लेकिन भारत को बांटकर कोई चुनाव नहीं जीता जा सकता।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि FIR दर्ज होने के बावजूद तृणमूल विधायक का नाम उसमें क्यों नहीं जोड़ा गया, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा होता है।
हिंसा, सड़कों और रेल सेवाओं के बाधित होने के आरोप
पात्रा ने मुर्शिदाबाद में जारी हिंसा का जिक्र करते हुए दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (NH-12) को जाम किया गया है और रेलवे सेवाएं बाधित की गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेनों को आग के हवाले किया जा रहा है और मुख्यमंत्री इसे अल्पसंख्यकों की नाराजगी बताकर जायज ठहरा रही हैं।
उन्होंने तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी का हवाला देते हुए कहा कि “अगर नाम काटे जाएंगे तो प्रदर्शन होंगे” जैसे बयान हिंसा को बढ़ावा देने वाले हैं।
पत्रकार और BLO की मौत का मामला
भाजपा प्रवक्ता ने मुर्शिदाबाद में प्रदर्शन कवर कर रहीं पत्रकार सोमा मैती पर कथित हमले का भी जिक्र किया और कहा कि उनके कैमरामैन को पुलिस की मौजूदगी में पीटा गया। उन्होंने मीडिया कर्मियों से ऐसे मामलों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
इसके अलावा, उन्होंने BLO अशोक दास की आत्महत्या का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि उन पर मुख्यमंत्री और स्थानीय नेता राजू विश्वास की ओर से दबाव बनाया जा रहा था। पात्रा के अनुसार, अशोक दास को धमकी दी गई थी कि अगर घुसपैठियों के नाम हटाए गए तो उनके परिवार पर हमला किया जाएगा। गुरुवार को अशोक दास अपने घर में फांसी पर लटके पाए गए।
पात्रा ने दावा किया कि अशोक दास की पत्नी के दर्द भरे फोन कॉल और ऑडियो से साफ होता है कि यह आत्महत्या दबाव का नतीजा थी। उन्होंने कहा, “राजनीति अब बंगाल में खून बहा रही है। सोनार बंगला को भय बंगला में बदल दिया गया है।”
अंत में भाजपा प्रवक्ता ने पार्टी के नारे ‘एक हैं तो सेफ हैं’ को दोहराते हुए कहा कि मौजूदा चुनौतियों का सामना केवल एकता के जरिए ही किया जा सकता है।
