एआर रहमान ने आलोचना के बाद चुप्पी तोड़ी, “भारत मेरी प्रेरणा, मेरा घर और मेरी पहचान है”

AR Rahman breaks silence after criticism, "India is my inspiration, my home and my identity."चिरौरी न्यूज

मुंबई: मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू को लेकर उठे विवाद और आलोचनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड में कथित पूर्वाग्रह और सत्ता संतुलन को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर सार्वजनिक बहस छिड़ने के बाद रहमान ने एक वीडियो बयान जारी कर अपनी मंशा साफ की और भारत के प्रति अपनी गहरी आस्था दोहराई।

अपने बयान के साथ रहमान ने क्रिकेट मैच के दौरान उनके प्रसिद्ध गीत ‘मां तुझे सलाम/वंदे मातरम’ की प्रस्तुति की झलकियां साझा कीं, जिससे उन्होंने देश और संस्कृति के प्रति अपने योगदान को रेखांकित किया।

वीडियो संदेश में रहमान ने कहा, “संगीत हमेशा मेरे लिए जुड़ने, उत्सव मनाने और हमारी संस्कृति का सम्मान करने का माध्यम रहा है। भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा शिक्षक है और मेरा घर है। मैं समझता हूं कि कभी-कभी मंशाओं को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन मेरा उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना, सम्मान देना और सेवा करना रहा है। मेरा कभी किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रहा।”

उन्होंने भारत की विविधता को संगीत के माध्यम से मनाने के अपने प्रयासों का भी जिक्र किया। रहमान ने WAVES समिट में झलाआ को संवारने, रूह-ए-नूर में भागीदारी, युवा नागा संगीतकारों के साथ सहयोग, स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा के निर्माण, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर करने और भारत के पहले मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड सीक्रेट माउंटेन को विकसित करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने हॉलीवुड के दिग्गज संगीतकार हंस ज़िमर के साथ रामायण के संगीत पर काम करने को भी अपने लिए सम्मान बताया।

रहमान ने कहा, “मैं भारतीय होने पर गर्व महसूस करता हूं। यह देश मुझे अभिव्यक्ति की आज़ादी देता है और बहुसांस्कृतिक आवाज़ों को अपनाने की शक्ति देता है। हर यात्रा ने मेरे उद्देश्य को और मजबूत किया है।”

उन्होंने देश के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह संगीत के जरिए भारत की विरासत और इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। वीडियो में स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को ‘मां तुझे सलाम’ गाते हुए भी दिखाया गया।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में उनसे तमिल संगीतकार होने के नाते बॉलीवुड में अनुभवों और पूर्वाग्रह को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में रहमान ने कहा था कि उन्हें सीधे तौर पर किसी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा, लेकिन पिछले आठ वर्षों में सत्ता संतुलन में बदलाव आया है और “शायद यह सांप्रदायिक भी हो सकता है।”

इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘छावा’ को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिसे उन्होंने विभाजन को भुनाने वाला प्रोजेक्ट बताया, हालांकि इस पर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं कहा।

इन बयानों के बाद रहमान को सोशल मीडिया और फिल्म जगत में आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने यह स्पष्टीकरण जारी किया। अपने पूरे संदेश में एआर रहमान ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य हमेशा संगीत के जरिए सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना और भारत की बहुलता का उत्सव मनाना रहा है।

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