गावस्कर ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर उठाए सवाल, ‘आसान सिंगल्स देने से सीरीज हार’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: गावस्कर ने भारत की घरेलू सरज़मीं पर न्यूज़ीलैंड से 2-1 की चौंकाने वाली वनडे सीरीज़ हार के बाद टीम इंडिया की कड़ी आलोचना की है। इंदौर में खेले गए सीरीज़ के निर्णायक तीसरे वनडे में विराट कोहली के शानदार 54वें वनडे शतक के बावजूद भारत को 41 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिसने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है।
मैच के बाद न्यूज़ीलैंड के पूर्व क्रिकेटर साइमन डूल के साथ बातचीत में सुनील गावस्कर ने साफ तौर पर कहा कि यह हार न तो बल्लेबाज़ों की नाकामी की वजह से थी और न ही गेंदबाज़ों की, बल्कि बीच के ओवरों में की गई ढीली फील्डिंग और प्रोएक्टिव तेज़ी की कमी इसके लिए ज़िम्मेदार रही।
गावस्कर ने खास तौर पर स्ट्राइक रोटेशन को रोकने में भारतीय फील्डरों की नाकामी को टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बताया। उनके मुताबिक, आसान सिंगल्स देकर भारत ने न्यूज़ीलैंड के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज़ों को खेल की रफ्तार अपने हिसाब से तय करने का पूरा मौका दे दिया।
उन्होंने कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने सिंगल्स बहुत आसानी से लेने दिए। रोहित शर्मा तेज़ हैं और विराट कोहली की एथलेटिक क्षमता के बारे में सब जानते हैं, लेकिन कुल मिलाकर फील्डिंग और ज़्यादा प्रोएक्टिव हो सकती थी।”
गावस्कर का मानना है कि “आसान सिंगल्स” देकर भारतीय फील्डरों ने गेंदबाज़ों द्वारा बनाए गए दबाव को खत्म कर दिया। वनडे जैसे फॉर्मेट में, जहाँ मोमेंटम बेहद अहम होता है, इस ढील का फायदा डेरिल मिशेल और ग्लेन फिलिप्स जैसे बल्लेबाज़ों ने उठाया और बिना ज़्यादा जोखिम के अपनी पारियां जमाईं।
हालाँकि गावस्कर ने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों को आलोचना से दूर रखा, लेकिन उनके बयान टीम के कुछ युवा खिलाड़ियों और स्पेशलिस्ट फील्डरों की फिटनेस और कमिटमेंट पर सवाल खड़े करते हैं। इंदौर में कोहली की 108 गेंदों में 124 रनों की शानदार पारी ने उनके प्रोफेशनलिज़्म को जरूर दिखाया, लेकिन फील्डिंग से अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण भारत मुश्किल रन चेज़ में शुरू से ही दबाव में नज़र आया।
