पीएम मोदी की कार डिप्लोमेसी जारी, UAE राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को एयरपोर्ट पर किया स्वागत
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और दोनों नेताओं को एक-दूसरे को गले लगाते हुए देखा गया। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए इसे “अपने भाई का स्वागत” बताया।
पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा, “मैं अपने भाई, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, UAE के राष्ट्रपति का स्वागत करने एयरपोर्ट गया। उनकी यह यात्रा भारत-UAE की मजबूत दोस्ती को दिए गए महत्व को दर्शाती है। हमारी चर्चाओं का इंतजार है।”
एयरपोर्ट से दोनों नेता एक ही कार में साथ रवाना हुए, जिसकी तस्वीरें भी प्रधानमंत्री ने साझा कीं। इनमें एक फोटो कार के अंदर बातचीत करते हुए दोनों नेताओं की है, जबकि दूसरी तस्वीर में दोनों को गले लगाते देखा जा सकता है।
UAE राष्ट्रपति की यह यात्रा महज दो घंटे की है, लेकिन इसका राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं—ईरान-अमेरिका संबंधों में खिंचाव, गाज़ा में जारी अस्थिरता और सऊदी अरब व UAE से जुड़े यमन संघर्ष जैसे मुद्दे क्षेत्र को प्रभावित कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है और हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों से बने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की गति को आगे बढ़ाती है। मंत्रालय के अनुसार, हाल के महीनों में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (सितंबर 2024) और दुबई के क्राउन प्रिंस एवं UAE के उप प्रधानमंत्री व रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (अप्रैल 2025) की भारत यात्राओं ने इस साझेदारी को और मजबूत किया है।
यह दौरा ऐसे समय भी हो रहा है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाज़ा शांति योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें गाज़ा के प्रशासन के लिए एक राष्ट्रीय समिति गठित करने का प्रस्ताव शामिल है।
गौरतलब है कि शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का UAE राष्ट्रपति बनने के बाद यह भारत का तीसरा आधिकारिक दौरा है, जबकि पिछले एक दशक में यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा है। यह तथ्य नई दिल्ली और अबू धाबी के बीच उच्चस्तरीय संवाद और रणनीतिक साझेदारी की निरंतरता को रेखांकित करता है।
