अमांडा सेफ्राइड बोलीं, अवॉर्ड जीत से ज़्यादा मायने रखती है नॉमिनेशन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: हॉलीवुड अभिनेत्री अमांडा सेफ्राइड का मानना है कि अभिनय में लंबी और सफल पारी अवॉर्ड जीतने से नहीं, बल्कि सार्थक और सोच-समझकर किए गए चुनावों से बनती है। उनके अनुसार, किसी बड़े अवॉर्ड की जीत से ज़्यादा अहम उसका नॉमिनेशन होता है, क्योंकि वही किसी कलाकार के करियर को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
द न्यू यॉर्कर से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि क्या ऑस्कर जीतना उनके लिए ज़रूरी है, तो सेफ्राइड ने कहा, “नहीं। क्या आपको याद है कि पिछले 10 सालों में किसने ऑस्कर जीता? जीत मायने नहीं रखती, नॉमिनेशन रखता है। वही आपको आगे बढ़ाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “क्या मुझे अभी या एक-दो हफ्तों में ऑस्कर चाहिए? बिल्कुल नहीं। अगर मिल जाए तो अच्छा लगेगा, हर वजह से। लेकिन यह ज़रूरी नहीं है।”
गौरतलब है कि अमांडा सेफ्राइड को 2021 में पहली बार ऑस्कर नॉमिनेशन मिला था। उन्हें यह नॉमिनेशन 2020 की बायोपिक फिल्म मैंक में हॉलीवुड स्टारलेट मैरियन डेविस की भूमिका के लिए मिला था। यह फिल्म मशहूर पटकथा लेखक हरमन जे. मैनकीविक के जीवन पर आधारित थी।
सेफ्राइड का मानना है कि अभिनय करियर में लंबी उम्र “डिज़ाइन की जाती है।” उन्होंने कहा, “करियर की लंबी उम्र जानबूझकर किए गए फैसलों से आती है—ऐसी कला चुनने से, जो बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स के साथ संतुलन बनाए। मेरे लिए हर तरह का काम कला ही है।”
उन्होंने अपनी हालिया फिल्म द हाउस मेड का ज़िक्र करते हुए कहा कि भले ही यह कम बजट की थ्रिलर फिल्म थी, जिसने अच्छा बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, लेकिन इसमें उनके हर फैसले उतने ही कलात्मक थे, जितने किसी इंडी फिल्म में होते हैं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने दिल और दिमाग में कमर्शियल और आर्ट सिनेमा के बीच संतुलन बना पाई हैं।
अमांडा सेफ्राइड ने यह भी कहा कि वह आगे भी अलग-अलग जॉनर और इंडी व स्टूडियो फिल्मों के बीच छलांग लगाती रहेंगी। उन्होंने कहा, “मैं बिना ऑस्कर के यहां तक पहुंची हूं, तो अब इसकी ज़रूरत क्यों पड़े?”
करियर के उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि सफलता स्थायी नहीं होती। “कभी करियर ऊंचाई पर होता है, कभी नीचे। लोग आपको कैसे देखते हैं, यह रोज़ बदल सकता है। लेकिन मैं अपने चुनावों और मूल्यों में लगातार बनी रहती हूं।”
उन्होंने बॉक्स ऑफिस के उदाहरण देते हुए कहा कि कभी मम्मा मिया! जैसी हिट मिलती है, तो कभी टेड 2 या अ मिलियन वेज़ टू डाई इन द वेस्ट जैसी फिल्में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पातीं। इसके बावजूद, वह खुद को आज एक मज़बूत स्थिति में मानती हैं, खासकर इसलिए क्योंकि द हाउस मेड ने अच्छा कारोबार किया।
अमांडा सेफ्राइड के अनुसार, असली सफलता ट्रॉफियों से नहीं, बल्कि लगातार और ईमानदार काम से मिलती है।
