राजनीति पर टिप्पणी से बचीं आर्यना सबालेंका; यूक्रेनी खिलाड़ी की बैन की मांग पर कहा, ‘मैं यहां सिर्फ टेनिस के लिए हूं”

Aryna Sabalenka avoided commenting on politics; regarding the Ukrainian player's demand for a ban, she said, "I'm here only for tennis."
(Screenshot/AO video)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: विश्व नंबर एक और बेलारूस की स्टार टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने बुधवार को साफ कहा कि वह राजनीति पर बात नहीं करना चाहतीं। यह बयान उस समय आया, जब यूक्रेन की खिलाड़ी ओलेक्जेंड्रा ओलिनिकोवा ने रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों को टेनिस से प्रतिबंधित करने की मांग की।

25 वर्षीय ओलिनिकोवा, जिनके पिता यूक्रेन में फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हैं, ने मंगलवार को कहा था कि जब तक युद्ध जारी है, तब तक इन दोनों देशों के खिलाड़ियों का टूर्नामेंट में हिस्सा लेना “बहुत गलत” है। अपने ग्रैंड स्लैम डेब्यू में डिफेंडिंग चैंपियन मैडिसन कीज़ से हारने के बाद वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक टी-शर्ट पहनकर आई थीं, जिस पर लिखा था, “मुझे यूक्रेनी महिलाओं और बच्चों की रक्षा के लिए आपकी मदद चाहिए, लेकिन मैं इसके बारे में यहां बात नहीं कर सकती।”

ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता स्थलों पर राजनीतिक बयान देने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद, ओलिनिकोवा ने मेलबर्न के अखबार द एज को दिए इंटरव्यू में न्यूट्रल सफेद झंडे के तहत खेल रहे रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत गलत है कि उन्हें दूसरे खेलों की तरह टेनिस से डिसक्वालिफाई नहीं किया गया। बाहर से ऐसा लगता है कि हम सब टेनिस खेल रहे हैं, लेकिन लोग इसके पीछे की सच्चाई नहीं देखते।”

सबालेंका का दो टूक जवाब

बेलारूस की रहने वाली सबालेंका पहले भी कह चुकी हैं कि खेल का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। बुधवार को तीसरे राउंड में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पुराने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में पहले भी काफी बोल चुकी हूं। मैं शांति चाहती हूं और अगर मैं कुछ बदल सकती, तो ज़रूर करती। इसके अलावा मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।”

जब उनसे ओलिनिकोवा की बैन की मांग पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो सबालेंका ने स्पष्ट कहा, “मैं यहां टेनिस के लिए हूं। यह एक टेनिस इवेंट है। मैंने अतीत में बहुत कुछ कहा है और अब मैं राजनीति पर बात नहीं करना चाहती।” गौरतलब है कि बेलारूस, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का करीबी सहयोगी देश माना जाता है।

यूक्रेनी खिलाड़ियों का विरोध जारी

ओलिनिकोवा ने यह भी बताया कि वह लॉकर रूम या प्रैक्टिस कोर्ट में रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों से बात नहीं करतीं।

उन्होंने कहा, “मैं उनसे बात नहीं करती। लोग शायद यह नहीं जानते, लेकिन अगर मुझे कहना पड़े, तो मैं कहूंगी, क्योंकि मुझे यह गलत लगता है।”

अन्य कई यूक्रेनी खिलाड़ियों के विपरीत, ओलिनिकोवा लगातार हमलों के खतरे के बावजूद अपने देश में रहकर ही ट्रेनिंग करती हैं। ऑस्ट्रेलिया आने से ठीक पहले वह एक रूसी हमले में बाल-बाल बचीं।

उन्होंने बताया, “मेरे घर के पास एक धमाका हुआ और सड़क के उस पार वाले घर पर एक ड्रोन गिरा। धमाके से मेरा अपार्टमेंट सचमुच हिल गया।”

यूक्रेन की एक और खिलाड़ी मार्ता कोस्त्युक भी युद्ध के मुद्दे पर खुलकर बोलती रही हैं। वह रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करती हैं और हाल ही में ब्रिस्बेन इंटरनेशनल फाइनल में हार के बाद उन्होंने सबालेंका से भी हाथ नहीं मिलाया था।

दुनिया की 12वें नंबर की खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना ने भी कहा कि इस युद्ध को लोगों की नजरों में बनाए रखना जरूरी है। तीसरे राउंड में पहुंचने के बाद उन्होंने कहा, “यह युद्ध चार साल से चल रहा है। हम इस बारे में कई बार बात कर चुके हैं।”

रूसी और बेलारूसी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति दिए जाने पर स्वितोलिना ने कहा, “मेरे लिए अब यह मुद्दा खत्म हो चुका है। रुख पहले ही तय किया जा चुका है। WTA और ATP ने अपना फैसला ले लिया है।”

इस पूरे विवाद के बीच, टेनिस कोर्ट पर मुकाबले जारी हैं, लेकिन राजनीति और युद्ध की छाया खेल की दुनिया से दूर नहीं हो पा रही है।

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