यूपी का नेशनल हाईवे नेटवर्क एक दशक में 34% बढ़कर करीब 11 हजार किमी तक पहुंचा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश ने पिछले दशक में अपने राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 34 प्रतिशत बढ़कर 10,700 किलोमीटर के पार पहुँच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हर साल 24 जनवरी को मनाए जाने वाले उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर हासिल की गई।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2014 के बाद से उत्तर प्रदेश में 2.16 लाख करोड़ रुपये मूल्य के राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से अब तक 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो राज्य में चल रही सड़क विकास परियोजनाओं के पैमाने को दर्शाता है।
मंत्रालय की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 262 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं मंजूर की गई हैं, जिनकी कुल लंबाई 8,211 किलोमीटर है। इनमें से 106 परियोजनाओं को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा 4,769 किलोमीटर पर 1.51 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कार्यान्वित किया जा रहा है। शेष 156 परियोजनाओं को राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा 3,442 किलोमीटर पर 64,091 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है।
वर्ष 2025 तक, उत्तर प्रदेश का कुल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 10,718 किलोमीटर पहुँच गया है। इसमें से 6,479 किलोमीटर NHAI के अंतर्गत और 4,239 किलोमीटर राज्य PWD के अधीन हैं। 2014 में यह लंबाई 7,986 किलोमीटर थी, यानी 2014-15 के बाद 2,732 किलोमीटर का अतिरिक्त विस्तार हुआ है।
राज्य में निर्माण गतिविधियाँ तेज़ी से जारी हैं। वर्तमान में 114 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनकी कुल लंबाई 4,311 किलोमीटर और अनुमानित निवेश 1.03 लाख करोड़ रुपये है। NHAI 64 परियोजनाओं पर 3,181 किलोमीटर में 75,315 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जबकि PWD 50 परियोजनाओं पर 1,130 किलोमीटर में 28,118 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
पूरा होने वाली परियोजनाओं में भी अच्छी प्रगति हुई है। 2019 से अब तक 106 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, कुल 4,145 किलोमीटर की, 81,072 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हो चुकी हैं। इनमें NHAI ने 43 परियोजनाएं (2,464 किलोमीटर) 70,096 करोड़ रुपये में और PWD ने 63 परियोजनाएं (1,681 किलोमीटर) 10,976 करोड़ रुपये में पूरी की हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, उत्तर प्रदेश ने 850 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को देने और 646 किलोमीटर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। नवंबर 2025 तक, 110 किलोमीटर की परियोजनाएं दी जा चुकी हैं और 286 किलोमीटर का निर्माण पूरा हुआ है।
केंद्रीय सड़क अवसंरचना कोष (CRIF) के माध्यम से वित्तीय सहायता भी पर्याप्त मिली है। अब तक उत्तर प्रदेश को कुल 11,680 करोड़ रुपये की CRIF मंजूरी मिली है, जिसमें से 8,560.84 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त और जारी की जा चुकी है। वर्तमान में बकाया राशि 3,119.61 करोड़ रुपये है।
CRIF राज्य सड़कों योजना के तहत ‘सेतु बंधन’ कार्यक्रम में राज्य में 14 रोड ओवरब्रिज के लिए 932 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। पिछले तीन वर्षों में 34 CRIF परियोजनाएं, जिसमें सेतु बंधन कार्य शामिल हैं, कुल 241 किलोमीटर में 2,327 करोड़ रुपये की लागत पर मंजूर हुई हैं।
उत्तर प्रदेश अब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर का भी हब बनता जा रहा है। कुल 267 किलोमीटर की परियोजनाएं, जिनकी लागत 17,291 करोड़ रुपये है, विभिन्न चरणों में हैं। इनमें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे और इलाहाबाद बाईपास परियोजनाएं शामिल हैं।
राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का यह विस्तार आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और माल एवं लोगों की तेज़ आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण चालक साबित हो रहा है। आज का उत्तर प्रदेश दिवस इस यात्रा में एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
