भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में ऐतिहासिक मोड़: उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत दौरा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: यूरोपीय संघ (EU) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत दौरा भारत-EU संबंधों के लिहाज़ से एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण माना जा रहा है। अहम व्यापार वार्ताओं के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंचीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह कदम भारत और यूरोपीय संघ के रणनीतिक रिश्तों में बढ़ती मजबूती का प्रतीक है।
यह दौरा तथाकथित “मदर ऑफ ऑल डील्स” को अंतिम रूप देने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अनुसार, यह समझौता “करीब 2 अरब लोगों का बाज़ार तैयार करेगा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होगा।”
The President of the European Commission, Ursula von der Leyen, has arrived in New Delhi on an official visit.
She will be the chief guest, along with the President of the European Council, António Luís Santos da Costa, at the Republic Day celebrations on Monday.… pic.twitter.com/5bgkh8kEqZ
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 25, 2026
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बड़ा ऐलान संभव
आगामी 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन से पहले शुरू हुए इस चार दिवसीय दौरे का मुख्य फोकस बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देना है। प्रस्तावित समझौते के तहत 90 प्रतिशत से अधिक वस्तुओं पर टैरिफ समाप्त किए जाने की संभावना है। इससे परिधान, फार्मास्युटिकल्स, आईटी सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, इस समझौते से सप्लाई चेन के विविधीकरण, निवेश में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत-EU आर्थिक एकीकरण को नई गति मिलने की संभावना है।
शिखर सम्मेलन में केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि रणनीतिक रक्षा साझेदारी, तकनीक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा, और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही (मोबिलिटी फ्रेमवर्क) जैसे अहम मुद्दों पर भी समझौते की घोषणा की जा सकती है।
वैश्विक स्तर पर ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों से उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच यह बैठक और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
27 जनवरी को पीएम मोदी से होगी शिखर वार्ता
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नई दिल्ली में शिखर वार्ता करेंगे। एंटोनियो कोस्टा 25 जनवरी को भारत पहुंचेंगे।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उर्सुला वॉन डेर लेयेन का हवाई अड्डे पर स्वागत किया। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा, “भारत-EU रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण की शुरुआत। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भारत में हार्दिक स्वागत।”
उन्होंने आगे कहा, “दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के रूप में भारत और यूरोपीय संघ आपसी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारी साझा करते हैं।”
व्यापारिक रिश्तों में लगातार मजबूती
पिछले कुछ वर्षों में भारत-EU संबंधों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। यूरोपीय संघ, एक ब्लॉक के रूप में, वस्तुओं के व्यापार में भारत का सबसे बड़ा साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-EU के बीच कुल व्यापार लगभग 136 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात करीब 76 अरब डॉलर और आयात लगभग 60 अरब डॉलर का रहा।
इस दौरे को भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।
