राष्ट्रीय जनता दल की कार्यकारिणी बैठक: रोहिणी आचार्य ने कहा, पार्टी की स्थिति “बेहद दयनीय और चिंताजनक”

Rashtriya Janata Dal executive committee meeting: Rohini Acharya said the party's situation is "extremely pathetic and worrying."चिरौरी न्यूज

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने रविवार को पार्टी के मौजूदा नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पार्टी की वर्तमान स्थिति “बेहद दयनीय और चिंताजनक” है और इसके लिए शीर्ष नेतृत्व को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

रोहिणी आचार्य के ये बयान ऐसे समय आए हैं, जब कुछ ही घंटों बाद RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक होने वाली थी। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए एक भावनात्मक और तीखे पोस्ट में उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चे अर्थों में “लालूवाद” का प्रतिनिधित्व करता है, वह पार्टी की मौजूदा हालत पर सवाल उठाएगा, चाहे इसके परिणाम कुछ भी हों।

उन्होंने लिखा कि जिसने भी लालू प्रसाद यादव द्वारा स्थापित पार्टी के लिए निस्वार्थ संघर्ष किया है, जो सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिए लालू जी के संघर्ष पर गर्व करता है और उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहता है, वह निश्चित रूप से पार्टी की मौजूदा दुर्दशा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवाज उठाएगा।

रोहिणी आचार्य ने आरोप लगाया कि पार्टी की वास्तविक कमान अब “घुसपैठियों और साजिशकर्ताओं” के हाथों में चली गई है, जिन्हें राजनीतिक विरोधियों ने जानबूझकर लालूवाद को खत्म करने के उद्देश्य से पार्टी में भेजा है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि जो खुद को लालू प्रसाद यादव की विचारधारा का सच्चा अनुयायी मानते हैं, वे ऐसे तत्वों का खुलकर विरोध करें।

उन्होंने मौजूदा हालात को “कड़वा, चिंताजनक और दिल तोड़ने वाला सच” बताते हुए कहा कि जिस पार्टी ने हमेशा वंचितों और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी, आज उसी पार्टी पर ऐसे लोगों का कब्जा होता जा रहा है जो उसे भीतर से कमजोर करने में लगे हैं।

अपने सबसे तीखे बयान में रोहिणी आचार्य ने पार्टी के नेतृत्व के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर इशारा माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे व्यक्ति को सवालों से भागने या भ्रम फैलाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेतृत्व चुप्पी बनाए रखता है, तो इससे उन आरोपों को बल मिलेगा कि वह पार्टी के खिलाफ साजिश रचने वालों के साथ मिलीभगत कर रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लालूवाद और पार्टी की वैचारिक जड़ों के समर्थन में बोलने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपमानित किया जा रहा है और उनसे अभद्र भाषा में बात की जा रही है, जो RJD के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।

रोहिणी आचार्य के इन बयानों से RJD के भीतर चल रही अंतर्कलह और गहराती दिख रही है। खासकर ऐसे समय में, जब पार्टी की शीर्ष नेतृत्व एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक के लिए एकत्र हो रही है, उनके बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।

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