आंध्र प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने टीडीपी सांसदों को केंद्र से अधिक धनराशि लाने के निर्देश दिए

Chief Minister Chandrababu Naidu has instructed TDP MPs to secure more funds from the central government for the development of Andhra Pradesh.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली:आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसदों को राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक से अधिक धनराशि प्राप्त करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने सांसदों से अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में विकास के अवसरों और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय में आयोजित टीडीपी संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलने वाले संसद के बजट सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सांसदों को संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और सचिवों से संवाद स्थापित करने तथा केंद्रीय निधि प्राप्त करने की जिम्मेदारी स्वयं लेने की सलाह दी।

चंद्रबाबू नायडू ने स्पष्ट किया कि सभी सांसद फरवरी में प्रस्तावित जिला कलेक्टरों के सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से अनिवार्य रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि उत्तर आंध्र और रायलसीमा के पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज, पुरवोदय योजना तथा पोलावरम–नल्लमाला सागर परियोजनाएं संसद सत्र के दौरान सर्वोच्च प्राथमिकता में रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इसी सत्र में आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अमरावती को कानूनी मान्यता देने के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा। साथ ही बजट प्रस्तुति के दौरान सांसदों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि आंध्र प्रदेश की परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धन आवंटन हो।

पोलावरम परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए संशोधित अनुमान केंद्र को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के साथ-साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) कार्य भी पूरा किया जाना आवश्यक है और केंद्र से अभी लगभग 12,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलना बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जून 2027 में होने वाले गोदावरी पुष्करम से पहले पोलावरम परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ जल संसाधन परियोजनाओं को लेकर विवाद की आवश्यकता नहीं है। हालांकि नल्लमाला सागर जैसे मुद्दों पर, चाहे वे संसद में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उठें, आंध्र प्रदेश के पक्ष को मजबूती से रखा जाना चाहिए। उन्होंने सांसदों से केंद्र को यह स्पष्ट रूप से बताने को कहा कि आंध्र प्रदेश ने तेलंगाना की कालेश्वरम परियोजना और मंजीरा जल के डायवर्जन पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी, ऐसे में नल्लमाला सागर परियोजना पर तेलंगाना की आपत्तियां उचित नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अमरावती में निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है और राजधानी विकास का दूसरा चरण भी शीघ्र शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पुरवोदय परियोजना के तहत लगभग 40,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना तैयार की गई है।

रेल परियोजनाओं पर जोर देते हुए चंद्रबाबू नायडू ने इच्चापुरम से ताड़ा तक चार लेन की रेलवे लाइन विकसित करने के प्रयास करने को कहा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रेल मंत्रालय के पास पर्याप्त धन उपलब्ध है और सांसदों को इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सदन या जमीनी स्तर पर किसी भी स्थिति में गठबंधन के उद्देश्यों को नुकसान पहुंचाने वाला आचरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने सांसदों से राज्य विभाजन से जुड़े मुद्दों, राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार और सागरमाला परियोजनाओं की प्रगति को समझने तथा यह आकलन करने को कहा कि केंद्र से कितनी धनराशि प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यस्तरीय मुद्दों के साथ-साथ सांसदों को एनडीए सरकार द्वारा लागू की जा रही विभिन्न राष्ट्रीय योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए और भाजपा की आलोचना पर विपक्ष को तथ्यों के साथ सशक्त जवाब देना चाहिए।

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