भारत और यूरोपियन यूनियन ने किया ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, उर्सुला ने इसे “सभी डील्स की जननी” बताया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: यूरोपियन यूनियन की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को भारत के साथ हुए ऐतिहासिक ट्रेड समझौते की तारीफ़ करते हुए इसे “सभी डील्स की जननी” कहा। EU प्रमुख, जो 77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के रूप में भारत में थीं, ने इस पैक्ट को दोनों पक्षों के बीच साझेदारी का एक नया अध्याय बताया।
उर्सुला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ संयुक्त बयान में कहा, “प्रधानमंत्री, मेरे सम्मानित मित्र, हमने इसे पूरा कर दिखाया – हमने सभी डील्स की जननी को पूरा किया।”
उन्होंने भारत और EU को “दो दिग्गज जिन्होंने विन-विन साझेदारी चुनी” बताया और कहा कि इस समझौते से टैरिफ में लगभग 4 बिलियन यूरो की कटौती होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और सप्लाई चेन मजबूत होंगी।
उर्सुला ने बताया कि यह समझौता आर्थिक संबंधों को और गहरा करेगा और व्यापार बाधाओं को कम करेगा। ट्रेड पैक्ट के अनुसार, EU अगले सात वर्षों में 99.5% व्यापारिक वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाएगा। इसमें भारतीय समुद्री उत्पाद, चमड़े और कपड़ा, रसायन, रबर, बेस मेटल और रत्न व आभूषण शामिल हैं, जिन पर टैरिफ शून्य कर दिया जाएगा।
रणनीतिक और आर्थिक महत्व:
उर्सुला ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों की पूरक ताकतों को जोड़ता है। “यह भारतीय कौशल, सेवाओं और पैमाने को यूरोपीय प्रौद्योगिकी, पूंजी और नवाचार के साथ जोड़ता है। इससे विकास के ऐसे स्तर संभव होंगे जिन्हें कोई भी पक्ष अकेले हासिल नहीं कर सकता।”
उन्होंने इस समझौते के रणनीतिक महत्व पर भी जोर देते हुए कहा, “अपनी ताकतों को मिलाकर, हम ऐसे समय में रणनीतिक निर्भरता को कम कर रहे हैं, जब व्यापार तेजी से हथियार बन रहा है।”
उर्सुला ने भारत में अपनी यात्रा और गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के अनुभव को भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा,
“हमें मिले असाधारण मेहमाननवाज़ी के लिए धन्यवाद। गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना हमारे लिए सम्मान की बात थी। यह एक यादगार अनुभव है, क्योंकि लोगों की जुड़ाव और राष्ट्रप्रेम की भावना बेहद शक्तिशाली थी।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत का उदय दुनिया के लिए सकारात्मक विकास है। जब भारत सफल होता है, तो दुनिया अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनती है, जिससे हम सभी को लाभ होता है।”
प्रधानमंत्री मोदी का बयान:
PM मोदी ने इस समझौते को “भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट” बताते हुए कहा कि यह साझा समृद्धि का एक ब्लूप्रिंट है।
“आज, भारत ने 27 यूरोपीय देशों के साथ यह FTA साइन किया। इससे निवेश बढ़ेगा, नई इनोवेशन पार्टनरशिप बनेगी और ग्लोबल सप्लाई चेन मजबूत होगी। यह सिर्फ़ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं, बल्कि साझा समृद्धि का ब्लूप्रिंट है।”
उन्होंने कहा कि यह डील दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का एक शानदार उदाहरण है और टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, चमड़े सहित कई घरेलू सेक्टरों के लिए सकारात्मक परिणाम लाएगी।
PM मोदी ने बताया कि यह डील वैश्विक GDP का लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक ट्रेड का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। यह सिर्फ व्यापार को नहीं, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है।
भारत-EU द्विपक्षीय व्यापार:
भारत-EU व्यापार 2024-25 में USD 190 बिलियन को पार कर गया। भारत ने EU को USD 75.9 बिलियन का सामान और USD 30 बिलियन सेवाओं का निर्यात किया, जबकि EU ने भारत को USD 60.7 बिलियन का सामान और USD 23 बिलियन सेवाएं एक्सपोर्ट की।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को कानूनी प्रक्रियाओं के बाद औपचारिक रूप से साइन होने में लगभग छह महीने का समय लगेगा। इसकी बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, 2013 में रुकी और जून 2022 में फिर से शुरू हुई।
