बजट सत्र आज से शुरू, विपक्ष ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का पहला चरण आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ शुरू हो गया। यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार आगामी केंद्रीय बजट की तैयारियों में जुटी है और विपक्ष कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है।
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान विधायी कार्यों के साथ-साथ आर्थिक सर्वेक्षण और बजट प्रस्तुति प्रमुख एजेंडा होंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण कल संसद में पेश किया जाएगा, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को रिकॉर्ड नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
सीमित बहस, लेकिन राजनीतिक तापमान ऊँचा
पहले चरण में बजट से इतर मुद्दों पर चर्चा की सीमित गुंजाइश है। बजट के बाद दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देंगे। इसके बाद सत्र के पहले हिस्से का समापन होगा। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा।
हालांकि सीमित समय के बावजूद विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। सत्र से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट कीं।
विपक्ष के निशाने पर सरकार
- विपक्ष जिन मुद्दों को उठाने की तैयारी में है, उनमें प्रमुख हैं—
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर दिए गए बदलते बयान
- मनरेगा की जगह लाए गए G RAM G Act को लेकर उठ रहे सवाल
- कई राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी जटिलताएँ
- विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के आरोप
इसके अलावा, एनडीए की सहयोगी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) 0 से 16 वर्ष के आयु वर्ग के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठा सकती है।
सरकार का रुख सख्त
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR और G RAM G Act पर दोबारा चर्चा नहीं कराई जाएगी। संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि SIR पर मानसून सत्र के दौरान चुनाव सुधारों की बहस में विस्तार से चर्चा हो चुकी है। वहीं G RAM G Act अब कानून बन चुका है, इसलिए उस पर पुनः चर्चा का कोई औचित्य नहीं है।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी तृणमूल कांग्रेस SIR के मुद्दे पर सरकार पर दबाव बना सकती है। पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।
UGC नियमों पर संसद में सन्नाटा
हाल ही में विवादों में रहे नए UGC नियम संसद में बड़ा मुद्दा बनने की संभावना नहीं दिख रही है। प्रमुख राजनीतिक दल इस विषय पर खुलकर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जातीय समीकरणों को देखते हुए पार्टियाँ इस मुद्दे पर सावधानी बरत रही हैं। हालांकि शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी समेत कुछ नेता इस पर सवाल उठा सकते हैं।
आगे क्या?
बजट सत्र का पहला चरण मुख्य रूप से आर्थिक एजेंडे तक सीमित रहेगा, जबकि राजनीतिक टकराव की पूरी तस्वीर सत्र के दूसरे चरण में सामने आने की संभावना है। फिलहाल संसद में बजट और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही निगाहें टिकी हैं।
