कांग्रेस नहीं छोड़ूंगा, केरल चुनाव में रहूंगा सबसे आगे: शशि थरूर

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए शुक्रवार को साफ कहा कि वह कांग्रेस में ही हैं और कहीं नहीं जा रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के एक दिन बाद थरूर ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा, “मैं कांग्रेस में हूं और कहीं नहीं जा रहा। मैं केरल के चुनाव अभियान का हिस्सा रहूंगा और यूडीएफ की जीत के लिए काम करूंगा। आगामी केरल विधानसभा चुनावों में मैं कांग्रेस का नेतृत्व करते हुए अग्रिम पंक्ति में रहूंगा।”
थरूर ने राहुल गांधी की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी एक स्पष्ट राजनीतिक सोच वाले नेता हैं। वह सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूती से खड़े रहते हैं।”
अपने बयानों को लेकर उठने वाले सवालों पर थरूर ने स्पष्ट किया कि पार्टी का रुख उनके लिए सर्वोपरि है, हालांकि कुछ मामलों में वह व्यक्तिगत राय भी रखते हैं।
उन्होंने कहा, “जिन मुद्दों पर पार्टी का स्पष्ट रुख होता है, वहां मैं कोई अलग राय नहीं रखता। कुछ परिस्थितियों में मैं अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करता हूं। विकास से जुड़े मामलों में अगर मुझे कुछ अच्छा लगता है तो मैं उसकी सराहना करता हूं।”
अपनी निष्ठा पर बार-बार सवाल उठने को लेकर नाराज़गी जताते हुए थरूर ने कहा, “मुझसे ही बार-बार यह क्यों पूछा जाता है कि मैं कांग्रेस में रहूंगा या नहीं? मुझे यह कहने की क्या ज़रूरत है कि मैं कांग्रेस में बना रहूंगा? मैं पूरी मजबूती से कांग्रेस के साथ हूं।”
गौरतलब है कि थरूर ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी। यह बैठक करीब एक घंटा 45 मिनट चली और इसे केरल विधानसभा चुनाव से पहले आपसी मतभेद दूर करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक के बाद थरूर ने कहा, “मेरी पार्टी के दो शीर्ष नेताओं—कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष—के साथ बहुत सकारात्मक, रचनात्मक और अच्छे माहौल में बातचीत हुई। सब कुछ ठीक है और हम एक ही पन्ने पर आगे बढ़ रहे हैं।”
हाल के दिनों में शशि थरूर केरल के कोच्चि में हुए एक कार्यक्रम में कथित तौर पर मिले व्यवहार और राज्य नेतृत्व के कुछ वर्गों द्वारा खुद को हाशिये पर डालने की कोशिशों को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे थे।
