बीजेपी पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग का आरोप; डीके शिवकुमार बोले, आलोचना की भी होती है सीमा
चिरौरी न्यूज
बेंगलुरु: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। शिवकुमार की यह प्रतिक्रिया बीजेपी कर्नाटक के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य मंत्रियों की तस्वीरों के साथ “स्कैम लॉर्ड्स” (घोटालेबाज) लिखा गया था।
इस पोस्ट के बाद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस थाने में बीजेपी कर्नाटक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बीजेपी के पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि “@INCKarnataka सरकार का यह असली स्कैम साम्राज्य है, जो दिन-रात कर्नाटक को लूट रहा है।”
कांग्रेस ने अपनी शिकायत में इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और निराधार बताया और कहा कि यह पोस्ट निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी का आरोप है कि डिजिटल माध्यम के जरिए चरित्र हनन किया गया और समाज में भ्रम व अशांति फैलाने की कोशिश की गई।
विधान सौधा में पत्रकारों से बात करते हुए डीके शिवकुमार ने कहा, “विपक्ष हमें आलोचना करे और हम विपक्ष की आलोचना करें, यह लोकतंत्र का हिस्सा है। लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है। विपक्षी दल कानून द्वारा दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर रहे हैं।”
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर सवालों के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कानून का उल्लंघन करने वाले बयान न दें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का इस तरह दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
शिवकुमार ने कहा, “कोई भी व्यक्ति या पार्टी इस स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल न करे। इसी वजह से हमें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा। अब कानून अपना काम करेगा।”
बीजेपी द्वारा कांग्रेस के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर की गई आलोचना पर, जिसमें डीके शिवकुमार को एक ब्रांड के रूप में दिखाया गया था, उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा, “उन्हें जो कहना है, कहने दीजिए।”
