बजट भाषण का नया अध्याय: 75 वर्षों में पहली बार ‘पार्ट-बी’ पूरा पढ़ेंगी वित्त मंत्री

New chapter in Budget speech: For the first time in 75 years, Finance Minister to read out Part B in fullचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केंद्रीय बजट को लेकर इस बार कई ऐतिहासिक और नीतिगत बदलावों की उम्मीद की जा रही है। 75 वर्षों में पहली बार वित्त मंत्री द्वारा बजट भाषण का ‘पार्ट-बी’ पूरी तरह पढ़े जाने की संभावना है, जिसमें मुख्य रूप से कस्टम सुधारों और डीरिग्युलेशन पर फोकस रहेगा।

सरकार का लक्ष्य कैपेक्स आधारित विकास को बनाए रखते हुए आम लोगों को खपत में राहत देना है। इसके साथ ही डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए नए कर्तव्य भवन में टैबलेट आधारित डिजिटल ‘बही-खाता’ के जरिए बजट प्रस्तुत किया जाएगा, जो प्रशासनिक कामकाज में तकनीकी बदलाव का प्रतीक माना जा रहा है।

नीतिगत चर्चाओं में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में संभावित बदलाव, कैपिटल गेन टैक्स के पुनर्संतुलन और पीएम आवास योजना व आयुष्मान भारत के लिए बढ़े हुए बजट आवंटन प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन कदमों को मध्यम वर्ग और कमजोर वर्गों को सीधी राहत देने के तौर पर देखा जा रहा है।

इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच संभावित व्यापार समझौते पर अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने इसे भारत के निर्यात और वैश्विक व्यापार में भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में देश की ‘के-शेप्ड अर्थव्यवस्था’, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और श्रम-प्रधान विनिर्माण को बढ़ावा देने में सहकारी संघवाद की भूमिका पर भी चर्चा की। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से रोजगार सृजन को गति मिल सकती है।

खास बात यह भी रही कि बजट ड्राफ्टिंग टीम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित किया गया। माना जा रहा है कि इससे घरेलू अर्थव्यवस्था और परिवारों से जुड़े मुद्दों को नीति निर्माण में बेहतर स्थान मिलेगा, खासकर ऐसे समय में जब देश के पांच राज्यों में अहम चुनाव होने वाले हैं।

कुल मिलाकर, यह बजट न केवल आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ होगा, बल्कि प्रशासनिक सुधार, डिजिटल परिवर्तन और सामाजिक संतुलन का भी स्पष्ट संदेश देगा।

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