भारत में खेलों के लिए बड़ा बजट, खेलो इंडिया मिशन अगले 10 साल तक जारी

Big budget for sports in India; Khelo India Mission continues for next 10 years, sports equipment manufacturing will also get a boostचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए संघीय बजट 2026-27 में खेलों को लेकर कई महत्वपूर्ण पहलें पेश की हैं। बजट में खेलों के लिए आवंटन बढ़ाने, खेल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने और खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 वर्षों तक चलाने के प्रस्ताव को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।

इन पहलों से यह स्पष्ट होता है कि सरकार अब केवल प्रतियोगिताओं और खिलाड़ियों के समर्थन पर खर्च करने की बजाय देश के खेल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने, आधारभूत संरचना विकसित करने, प्रतिभा निखारने और उपकरणों व सुविधाओं में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रही है। ये कदम भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने के योग्य बनाने की दिशा में हैं।

सीतारमण ने बजट भाषण में कहा, “भारत के पास उच्च गुणवत्ता वाले, सस्ते खेल उपकरणों का वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता है। मैं खेल उपकरणों के निर्माण, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित पहल का प्रस्ताव करती हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड भी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य के चैंपियंस तैयार किए जा सकें और चयनित मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन मिले।

सरकार ने खेलो इंडिया कार्यक्रम को लंबी अवधि के मिशन में बदलने की भी योजना पेश की। वित्त मंत्री ने कहा, “खेलो इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से खेल प्रतिभा के व्यवस्थित पोषण को आगे बढ़ाते हुए मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र को रूपांतरित करने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव रखती हूं।”

युवा मामलों और खेल मंत्रालय ने पहले ही खेल उपकरणों की लागत को खेलों के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में इंगित किया था। इस बजट में सरकार ने इसे हल करते हुए भारत को वैश्विक खेल उपकरणों का केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे मेरठ और जालंधर जैसे मौजूदा केंद्रों को फायदा होगा और निवेश के लिए क्षेत्र आकर्षक बनेगा।

सीतारमण ने खेल क्षेत्र को रोजगार, कौशल विकास और नौकरी सृजन के रूप में भी महत्व दिया। उन्होंने कहा कि खेल क्षेत्र कई तरह के रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करता है, जिसमें कोचिंग, प्रशिक्षण, उपकरण निर्माण और सहायक सेवाएं शामिल हैं।

बजट में खेल मंत्रालय के लिए कुल आवंटन भी बढ़ाया गया है।

  • खेलो इंडिया कार्यक्रम के लिए बजट 800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये किया गया।
  • स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) का बजट 815 करोड़ से बढ़ाकर 830 करोड़ रुपये किया गया।
  • खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन का बजट 42.65 करोड़ से घटाकर 37 करोड़ रुपये किया गया।
  • राष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए बजट 340 करोड़ से बढ़ाकर 400 करोड़ रुपये किया गया।
  • राष्ट्रीय डोप टेस्टिंग लैब के लिए बजट 18.70 करोड़ से बढ़ाकर 23 करोड़ रुपये किया गया।

ये पहलें स्पष्ट रूप से भारत के खेल क्षेत्र को सिर्फ प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहने, बल्कि एक मजबूत आर्थिक और व्यावसायिक इकोसिस्टम बनाने की दिशा में सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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