अपराध पर जीरो टॉलरेंस को लेकर बोले सीएम योगी, ‘पुलिस गोली न चलाए तो क्या खुद गोली खाए?’
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जोरदार बचाव करते हुए पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस जवाबी कार्रवाई न करे तो क्या उसे अपराधियों की गोली का शिकार बनना चाहिए।
उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सख्त और निरंतर कार्रवाई के कारण प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में त्योहारों और बड़े आयोजनों के शांतिपूर्ण आयोजन को इसका प्रमाण बताया।
सीएम योगी ने कहा, “लोग सवाल कर रहे हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। अगर पुलिस गोली नहीं चलाएगी तो क्या वह खुद गोली खाए?”
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी हथियारबंद अपराधियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित और सुसज्जित होते हैं और ऐसी परिस्थितियों में उन्हें निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों से उसी भाषा में बात करनी पड़ती है, जिसे वे समझते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अगर अपराधी को गोली चलाने की आज़ादी है, तो पुलिस को भी पिस्टल दी गई है ताकि वह उसका मुकाबला कर सके। पुलिस को इसके लिए ट्रेनिंग दी गई है और उन्हें अपराधियों से उसी भाषा में निपटना चाहिए, जिसे वे समझते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की कार्रवाई कानून के दायरे में ही शुरू होती है, लेकिन कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब अपराधी चेतावनियों को नजरअंदाज कर देते हैं और त्वरित निर्णय लेना जरूरी हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति सभी पर समान रूप से लागू होती है, चाहे व्यक्ति किसी भी पद, संगठन या राजनीतिक दल से जुड़ा हो। “अगर हमारी अपनी पार्टी या समूह का कोई व्यक्ति अपराध करता है, तो उस पर भी वही कानून लागू होगा जो किसी माफिया या अपराधी पर होता है। कानून सबके लिए एक समान है, किसी को संरक्षण नहीं मिलेगा,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
