WPL फाइनल जीतकर RCB ने रचा इतिहास, दिल्ली कैपिटल्स का फिर टूटा सपना
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए महिला प्रीमियर लीग (WPL) का खिताबी सूखा एक और सीजन तक जारी रहेगा। लंबे इंतज़ार के बाद भी खुशियों की मंज़िल दिल्ली से दूर रह गई, जब जेमिमा रोड्रिग्स की अगुआई वाली टीम को लगातार चौथे WPL फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। रिकॉर्ड 203/4 का विशाल स्कोर खड़ा करने के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों दिल तोड़ने वाली शिकस्त झेलनी पड़ी।
RCB ने स्मृति मंधाना (41 गेंदों में 87 रन) और जॉर्जिया वोल (54 गेंदों में 79 रन) की शानदार पारियों के दम पर WPL इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ पूरा करते हुए दूसरा खिताब अपने नाम किया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 गेंदों में 165 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी हुई, जो टूर्नामेंट की अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
इस जीत के साथ RCB ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की—वह एक साथ IPL और WPL दोनों खिताब जीतने वाली पहली फ्रेंचाइज़ी बन गई।
RCB की पारी में उतार-चढ़ाव से भरपूर रोमांच
RCB की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ाई जब चिनेल हेनरी ने पहले ही ओवर में ग्रेस हैरिस (9) को आउट कर दिल्ली को शुरुआती बढ़त दिलाई। लेकिन इसके बाद मंधाना और वोल ने दिल्ली के गेंदबाज़ों पर कहर बरपा दिया। मंधाना ने सिर्फ 23 गेंदों में अपना सबसे तेज़ WPL अर्धशतक पूरा किया, जबकि वोल ने 37 गेंदों में फिफ्टी जड़ी।
मंधाना इस दौरान WPL में 1000 रन पूरे करने वाली पांचवीं खिलाड़ी बनीं और 377 रनों के साथ सीजन की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ भी रहीं।
हालांकि मैच तब रोमांचक मोड़ पर पहुंचा जब दिल्ली ने लगातार तीन ओवरों में वोल, ऋचा घोष और मंधाना के विकेट चटकाकर मुकाबले में वापसी की। आखिरी 8 गेंदों में RCB को 13 रन चाहिए थे और स्टेडियम में सांसें थम सी गई थीं।
चिनेल हेनरी (2/34) ने मंधाना को क्लीन बोल्ड कर दिल्ली को उम्मीद दी, लेकिन निर्णायक पल में मिन्नू मणि से राधा यादव का कैच छूट गया। इस जीवनदान का राधा ने पूरा फायदा उठाया और आखिरी ओवर में लगातार दो चौके लगाकर RCB को दो गेंद शेष रहते ऐतिहासिक जीत दिला दी।
दिल्ली की पारी: रिकॉर्ड तो बना, लेकिन खिताब नहीं
इससे पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दिल्ली की शुरुआत अच्छी रही। लिज़ेल ली (30 गेंदों में 37) और शेफाली वर्मा (13 गेंदों में 20) ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़े। कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने 37 गेंदों में 57 रनों की कप्तानी पारी खेली और लौरा वोलवार्ड्ट (25 गेंदों में 44) के साथ अहम साझेदारी की।
अंतिम ओवरों में चिनेल हेनरी ने विस्फोटक अंदाज़ दिखाया। उन्होंने नादिन डी क्लार्क के एक ओवर में लगातार पांच चौके जड़ते हुए सिर्फ 15 गेंदों में नाबाद 35 रन बनाए। हेनरी और वोलवार्ड्ट की 24 गेंदों में 54 रनों की साझेदारी ने दिल्ली को 203/4 तक पहुंचाया—जो WPL फाइनल का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है।
लेकिन ऐतिहासिक स्कोर के बावजूद किस्मत ने दिल्ली का साथ नहीं दिया। एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स खिताब के बेहद करीब पहुंचकर खाली हाथ रह गई, जबकि RCB ने संयम, आत्मविश्वास और जज़्बे के साथ इतिहास रच दिया।
