भारत-पाक मैच पर संकट टला, श्रीलंका के राष्ट्रपति ने पाक पीएम का जताया आभार
चिरौरी न्यूज
कोलंबो: आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में बहुप्रतीक्षित भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबले को लेकर बना संकट आखिरकार टल गया है। पाकिस्तान द्वारा मैच के बहिष्कार की धमकी वापस लेने के बाद यह मुकाबला अब 15 फरवरी को कोलंबो में तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा।
इस फैसले के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को धन्यवाद देते हुए एक संदेश लिखा। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है।
उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री @CMShehbaz का धन्यवाद, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि हम सभी का पसंदीदा खेल जारी रहे। यह जानकर खुशी है कि टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित मुकाबला कोलंबो में तय कार्यक्रम के अनुसार खेला जाएगा।”
दिसानायके ने आईसीसी और सभी संबंधित पक्षों का आभार जताते हुए 1996 विश्व कप की भी याद दिलाई, जब सुरक्षा चिंताओं के बावजूद भारत और पाकिस्तान ने कोलंबो में मैच खेलकर श्रीलंका के साथ एकजुटता दिखाई थी।
कैसे बदला पाकिस्तान का रुख?
भारत-पाक मैच को लेकर पाकिस्तान के यू-टर्न के पीछे कई स्तरों पर हुई बातचीत अहम रही। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB), आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच पांच घंटे से अधिक चली बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
PCB चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने बैठक के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए पुष्टि की कि राष्ट्रीय टीम भारत के खिलाफ मैच खेलेगी।
प्रधानमंत्री शरीफ ने बताया कि यह फैसला “मित्र देशों” — जिनमें बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई शामिल हैं — के अनुरोध और आईसीसी के साथ हुई बहुपक्षीय बातचीत के बाद लिया गया।
बांग्लादेश से जुड़ा था विवाद
पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार करने के संकेत दिए थे। यह रुख उसने बांग्लादेश के समर्थन में अपनाया था, जिन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने भी पाकिस्तान से अपील की थी कि वह टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबले को खतरे में न डाले। वहीं, श्रीलंका क्रिकेट ने भी PCB को पत्र लिखकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।
आखिरकार सभी प्रयास रंग लाए और क्रिकेट जगत का सबसे चर्चित मुकाबला अपने तय समय पर होने का रास्ता साफ हो गया।
