महिला सांसद पीएम मोदी की कुर्सी के पास, अफरा-तफरी: रिजिजू ने 4 फरवरी को संसद में हुई घटना का वीडियो शेयर किया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को 4 फरवरी को लोकसभा के भीतर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के पास एकत्र दिखाई दे रही हैं। यह घटना प्रधानमंत्री के संबोधन से कुछ ही मिनट पहले की बताई जा रही है।
उस दिन सदन में भारी हंगामे के चलते कार्यवाही अचानक स्थगित कर दी गई थी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी थी।
Congress Party is proud of the most degrading behavior by their MPs !! If we had not stopped all BJP MPs and allowed the Women MPs to confront Cong. MPs, it would have led to very ugly scene.
We have very high consideration, to protect the dignity & sanctity of the Parliament. https://t.co/tRj5HjLKFH pic.twitter.com/aTmktk4Y7E— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 10, 2026
वीडियो साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कांग्रेस पार्टी अपने सांसदों के सबसे अपमानजनक व्यवहार पर गर्व कर रही है। अगर हमने भाजपा सांसदों को नहीं रोका होता और महिला सांसदों को कांग्रेस सांसदों का सामना करने दिया होता, तो स्थिति बेहद बदसूरत हो सकती थी। संसद की गरिमा और मर्यादा की रक्षा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
प्रधानमंत्री की सीट के पास जुटीं महिला सांसद
शेयर किए गए वीडियो में लोकसभा के भीतर कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास खड़ी नजर आ रही हैं। उनके हाथ में एक बड़ा बैनर भी दिखाई देता है, जिस पर लिखा था, “जो उचित समझो, वहीं करो।”
बताया जा रहा है कि यह नारा जनरल (सेवानिवृत्त) एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ पर आधारित एक मैगजीन लेख में इस्तेमाल की गई पंक्ति से जुड़ा है।
नरवणे की किताब से जुड़ा विवाद
जनरल एम.एम. नरवणे की इस अप्रकाशित आत्मकथा का जिक्र कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह संसद में अपने संक्षिप्त भाषण के दौरान किया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले बैठा और संसद के भीतर और बाहर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया, जिसका असर लोकसभा की कार्यवाही पर भी पड़ा। लगातार हो रहे हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
