प्री-ऑर्डर, पब्लिश हुई किताब एक जैसी नहीं: पेंगुइन का 24 घंटे में दूसरा स्पष्टीकरण
नई दिल्ली:
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर जारी राजनीतिक और कानूनी विवाद के बीच प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने एक बार फिर सफाई दी है। पब्लिशर ने स्पष्ट किया है कि यह किताब अभी तक औपचारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है।
अपने ताज़ा बयान में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किसी किताब की घोषणा होना, उसका प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होना और उसका औपचारिक रूप से प्रकाशित होना—ये तीनों अलग-अलग बातें हैं। बयान में कहा गया कि किसी किताब को तभी “पब्लिश” माना जाता है जब उसे औपचारिक रूप से जारी किया जाए और वह रिटेल प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध हो।
यह सफाई ऐसे समय में आई है जब दिल्ली पुलिस ने जनरल नरवणे की कथित अनपब्लिश्ड किताब के सोशल मीडिया पर लीक होने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में दावा किया गया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास जनरल नरवणे की एक अनपब्लिश्ड मैन्यूस्क्रिप्ट मौजूद है। इस मैन्यूस्क्रिप्ट के लिए रक्षा मंत्रालय (MoD) की मंज़ूरी ज़रूरी होती है, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि ऐसी कोई मैन्यूस्क्रिप्ट मौजूद नहीं है।
सोमवार को दर्ज एफआईआर में दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन न्यूज़ फोरम्स पर प्रसारित हो रही उन जानकारियों का संज्ञान लिया है, जिनमें दावा किया गया था कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की प्री-प्रिंट कॉपी बिना आवश्यक आधिकारिक मंज़ूरी के साझा की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि किताब के प्रकाशन के लिए अभी तक सक्षम प्राधिकरण से अनुमति नहीं मिली है। बयान में कहा गया,
“वेरिफिकेशन के दौरान यह पाया गया कि इसी शीर्षक की एक टाइप-सेट PDF कॉपी, जिसे संभवतः पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है, कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स ने किताब के कवर को इस तरह प्रदर्शित किया है जैसे वह खरीद के लिए उपलब्ध हो।”
दिल्ली पुलिस ने बताया कि बिना मंज़ूरी के पब्लिकेशन से जुड़े कथित लीक या ब्रीच की गहन जांच के लिए स्पेशल सेल में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
यह विवाद पिछले सप्ताह तब और तेज़ हो गया जब राहुल गांधी को संसद परिसर में इस किताब की कथित प्रति दिखाते हुए देखा गया। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में लगातार हंगामा हुआ, जिसके बाद बजट सत्र के शेष समय के लिए आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया।
सोमवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा का जवाब देने लोकसभा में इसलिए नहीं आए क्योंकि वह जनरल नरवणे की किताब से जुड़े इस विवाद से “डर गए” थे।
