भारत ने दिल्ली में नामीबिया को 93 रनों से हराया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: आईसीसी वर्ल्ड कप में भारत का विजयी अभियान लगातार जारी है। गुरुवार, 12 फरवरी को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने नामीबिया को 93 रनों से हराकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार 11वीं जीत दर्ज की। यह जीत टूर्नामेंट के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीत भी रही।
किशन और पंड्या के अर्धशतक से भारत 209/9 तक पहुंचा
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरे नामीबिया के कप्तान Gerhard Erasmus का फैसला शुरुआत में सही नहीं दिखा, क्योंकि भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे।
अभिषेक शर्मा की गैरमौजूदगी में पारी की शुरुआत करने उतरे संजू सैमसन ने तेज शुरुआत की। उन्होंने सिर्फ 8 गेंदों में 22 रन बनाए, जिसमें लगातार छक्के भी शामिल थे, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए।
इसके बाद ईशान किशन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए महज 20 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। किशन ने 24 गेंदों पर 61 रन बनाए। उन्होंने तिलक वर्मा (25) के साथ तीसरे विकेट के लिए 31 गेंदों में 79 रन जोड़े और भारत को सातवें ओवर में ही 100 के पार पहुंचा दिया।
हालांकि, बीच के ओवरों में भारतीय बल्लेबाजी फिर स्पिन के सामने लड़खड़ाती नजर आई। नामीबिया के कप्तान इरास्मस ने 4/20 के शानदार आंकड़े दर्ज करते हुए मैच का रुख मोड़ने की कोशिश की। उन्हें बर्नार्ड शोल्ट्ज का अच्छा साथ मिला और सातवें से बारहवें ओवर के बीच भारत की रनगति पर पूरी तरह ब्रेक लग गया।
124/4 की मुश्किल स्थिति से भारत को हार्दिक पंड्या और शिवम दुबे ने संभाला। पंड्या ने 28 गेंदों पर 52 रन बनाए, जबकि दुबे ने 23 रन जोड़े। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 39 गेंदों में 81 रन की साझेदारी कर टीम को 200 के पार पहुंचाया।
हालांकि, आखिरी ओवरों में भारत ने 11 गेंदों में सिर्फ 5 रन बनाकर 5 विकेट गंवा दिए, जिससे स्कोर 209/9 पर सिमट गया।
नामीबिया की तेज शुरुआत, लेकिन अंत निराशाजनक
210 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नामीबिया ने आक्रामक शुरुआत की। लौरेंस स्टीनकैंप (29) और जान फ्राइलिंक (22) ने पावरप्ले में 57/1 का स्कोर बनाया। नौ ओवर के बाद टीम 85/2 पर थी और मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा था। लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने वापसी की और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते हुए नामीबिया को 18.2 ओवर में 116 रनों पर समेट दिया।
हालांकि जीत बड़ी रही, लेकिन भारत की बल्लेबाजी एक बार फिर स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ जूझती नजर आई। मध्य ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करने और बड़े शॉट खेलने में नाकामी टीम के लिए चिंता का विषय है, खासकर अगले मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ स्पिन मददगार पिच पर खेलने से पहले।
भारत ने मैच तो 93 रनों से जीत लिया, लेकिन टीम प्रबंधन को बल्लेबाजी क्रम की कमजोरियों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
