ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छा परिणाम हो सकता है : डोनाल्ड ट्रंप
चिरौरी न्यूज
वाशिंगटन: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन होना “सबसे अच्छा परिणाम” हो सकता है। उनका यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है और तेहरान के साथ परमाणु मुद्दे पर वार्ता पुनः आरंभ करने के प्रयास जारी हैं।
सैन्य अड्डे पर दिया वक्तव्य
नॉर्थ कैरोलिना स्थित फोर्ट ब्रैग में सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान में सत्ता परिवर्तन अमेरिका की नीति का हिस्सा है। इस पर उन्होंने कहा कि “ऐसा होना सबसे अच्छा हो सकता है”, हालांकि उन्होंने किसी वैकल्पिक नेतृत्व का नाम नहीं लिया।
Reuters के अनुसार, राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले कई दशकों की बातचीत अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी है और यदि अब भी प्रगति नहीं हुई तो कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने क्षेत्र में अपनी शक्ति बढ़ाते हुए एक और विमानवाहक युद्धपोत भेजने की घोषणा की है। यह युद्धपोत पहले से तैनात बेड़े के साथ मिलकर काम करेगा। राष्ट्रपति ने इस कदम को शक्ति प्रदर्शन और चेतावनी का संकेत बताया। तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
अमेरिका चाहता है कि किसी भी संभावित समझौते में यूरेनियम संवर्धन के साथ-साथ ईरान की प्रक्षेपास्त्र क्षमता, क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन तथा मानवाधिकार से जुड़े प्रश्न भी शामिल हों। हालांकि ईरान ने प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम को वार्ता का हिस्सा बनाने से इंकार किया है।
इज़राइल की प्रतिक्रिया
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने वाशिंगटन यात्रा के दौरान कहा कि किसी भी समझौते में ईरान की प्रक्षेपास्त्र क्षमता पर सख्त नियंत्रण और हमास और हेजबुल्लाह जैसे संगठनों को मिलने वाले समर्थन पर रोक सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबीओ ने चेतावनी दी है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सरल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य निकोलस मदूरों को हटाने के असफल प्रयासों से भी अधिक जटिल हो सकता है, क्योंकि तेहरान की सत्ता संरचना अत्यंत सुदृढ़ है।
वर्तमान परिस्थितियों से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है, हालांकि दोनों पक्षों ने अभी संवाद की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं की है।
