2025 तक इस बात का भरोसा नहीं था कि वह कैसी दिखेंगी: मृणाल ठाकुर

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: अभिनेत्री मृणाल ठाकुर इन दिनों अपनी फिल्म दो दीवाने शहर में के प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने हाल ही में बताया कि वह इस फिल्म में अपने पात्र से गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं, क्योंकि एक समय वह स्वयं को तय सौंदर्य मानकों के अनुसार पर्याप्त सुंदर नहीं मानती थीं।
फिल्म के झलक दृश्य में उनका पात्र यह कहते हुए दिखाई देता है कि उसे अपने भीतर सुंदरता दिखाई नहीं देती। इसी संदर्भ में उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने इस फिल्म के लिए तुरंत सहमति दे दी थी, क्योंकि इसकी भावना उनके व्यक्तिगत अनुभवों से मेल खाती है।
उन्होंने कहा, “केवल लड़कियां ही नहीं, बल्कि अनेक लड़के भी ऐसे होते हैं जो आत्मविश्वास की कमी से जूझते हैं। कभी न कभी किसी ने उनसे कहा होता है—‘तुम अच्छे नहीं हो।’ अक्सर भाई–बहनों से तुलना की जाती है। यह बात मेरे मन को छू गई। मुझे निर्णय लेने में मात्र तीस सेकंड लगे।”
जब उनसे उस संवाद के बारे में पूछा गया, जिसे कुछ प्रशंसकों ने मजाक बताया—क्योंकि वह अपनी सुंदरता के लिए जानी जाती हैं—तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “लोग अगर इसे मजाक मानते हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन जो लोग देखते हैं, जरूरी नहीं कि मैं स्वयं को भी वैसे ही देखूं।”
उन्होंने आगे कहा, “साल २०२५ तक मैं अपने रूप को लेकर आत्मविश्वासी नहीं थी। मुझे लगता था कि शायद मैं उपयुक्त नहीं हूं। मुझे महसूस होता था कि मैं पर्याप्त अच्छी नहीं हूं, क्योंकि उस समय सौंदर्य के जो मानक थे, वे मुझसे अलग थे।”
समय के साथ उन्होंने सुंदरता के अर्थ को नए दृष्टिकोण से स्वीकार किया है। उनके अनुसार, “अब सुंदरता का अर्थ है स्वाभाविक होना और स्वयं के साथ सहज रहना। यह एक लंबी यात्रा रही है—खुद को उसी रूप में स्वीकार करने की, जैसी मैं हूं।”
