इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और गुड गवर्नेंस पर करण अदाणी ने साझा किया अदाणी ग्रुप का रोडमैप

Karan Adani shares Adani Group's roadmap on infrastructure, defence and good governanceचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और अदाणी सीमेंट में डायरेक्टर, करण अदाणी ने शनिवार को कहा कि अदाणी समूह तेजी से विस्तार के दौर में राष्ट्रीय अवसंरचना प्राथमिकताओं, रक्षा से जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र और आंतरिक सुशासन पर अपना फोकस और मजबूत कर रहा है।

अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (AIMA) के प्लेटिनम जुबली समारोह के तहत आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए, करण अदाणी ने समूह की पूंजी आवंटन रणनीति और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। वे अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के प्रबंध निदेशक और अदाणी सीमेंट के निदेशक भी हैं। करण अदाणी ने कहा कि समूह का निवेश तीन प्रमुख स्तंभों, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और भारत के विकास के लिए आवश्यक कोर मटेरियल, पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सिटी गैस वितरण, बिजली पारेषण नेटवर्क और डेटा सेंटर जैसे उभरते डिजिटल परिसंपत्तियां दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं। इस सप्ताह घोषित 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश संकल्प का उद्देश्य 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा आधारित अवसंरचना का निर्माण करना है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल क्षमताओं के विस्तार को भी आधार प्रदान करेगा।

समूह अपने कर्मचारियों की औसत आयु, जो वर्तमान में 38 वर्ष है, को कम करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को तेजी से अपनाया जा सके।

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर जोर

रक्षा क्षेत्र में भागीदारी पर करण अदाणी ने कहा कि स्वदेशीकरण एक राष्ट्रीय रणनीतिक लक्ष्य है। उन्होंने मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षमताओं के विकास का उल्लेख किया, जिसमें ब्राज़ील की एम्ब्रेयर कंपनी के साथ हालिया साझेदारी भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि यह पहल घरेलू विनिर्माण को वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जोड़ते हुए एक व्यापक विमानन और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में कदम है।

संगठनात्मक सुधार और सुशासन

तेजी से विस्तार के कारण प्रबंधन स्तरों में वृद्धि से निर्णय प्रक्रिया धीमी होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि अब संरचनात्मक जटिलता को कम कर गति और विस्तार क्षमता को पुनर्स्थापित करना प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि महिला कार्यबल की भागीदारी 2 प्रतिशत से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई है। समूह के लगभग 80 प्रतिशत नेतृत्व का विकास आंतरिक रूप से किया गया है और बंदरगाह, हवाईअड्डा, सीमेंट और खनन परिचालनों के बीच प्रतिभा की गतिशीलता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

नियामकीय जांच और मीडिया कवरेज के बाद सुशासन और विश्वसनीयता पर पूछे गए प्रश्नों के जवाब में उन्होंने कहा कि मजबूत परिचालन आधार और पारदर्शी संवाद ही लचीलापन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने माना कि पहले परिसंपत्तियों का अधिक संकेंद्रण जोखिम पैदा करता था, लेकिन अब संस्थानीकरण और व्यापक साझेदारियों के माध्यम से शासन ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।

करण अदाणी ने इस धारणा को खारिज किया कि पर्यावरणीय उपाय लाभप्रदता को कमजोर करते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बंदरगाह संचालन में डीजल चालित ट्रकों को हरित ईंधन विकल्पों में परिवर्तित किया जा रहा है।

भारत में फॉर्मूला वन की वापसी की पहल

उन्होंने भारत में फॉर्मूला वन रेसिंग की पुनर्स्थापना में रुचि दोहराई। समूह ने जेपी से संबंधित परिसंपत्तियों, जिनमें ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल है, का अधिग्रहण किया है। उन्होंने कहा कि यदि रेसिंग की वापसी होती है तो उसे वैश्विक मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा, जिससे भारत की अवसंरचना क्षमता का प्रदर्शन हो सके।

अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए करण अदाणी ने कहा कि उन्होंने मुंद्रा बंदरगाह पर बिना किसी विशेषाधिकार के जमीनी स्तर पर काम किया। यही अनुभव उनके परिचालन दृष्टिकोण को आकार देने में औपचारिक शिक्षा से अधिक महत्वपूर्ण साबित हुआ।

यह संवाद हीरो एंटरप्राइज के अध्यक्ष और अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के पूर्व अध्यक्ष सुनील कांत मुंजाल के साथ हुआ, जिसमें अवसंरचना, शासन, सतत विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर व्यापक चर्चा की गई।

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