पीएम मोदी की ‘कारप्लोमेसी’: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का नया मंत्र

PM Modi's 'Carplomacy': The new mantra to strengthen bilateral tiesचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक ही कार में नजर आ रहे हैं। तस्वीर में दोनों नेता मुस्कुराते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “मेरे Knesset संबोधन के बाद, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मैं प्रौद्योगिकी जगत में हुई प्रगति को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी की ओर जा रहे हैं।”

यह तस्वीर दोनों नेताओं के बीच करीबी और अनौपचारिक संबंधों को दर्शाती है। इसे प्रधानमंत्री मोदी की चर्चित ‘कारप्लोमेसी’ श्रृंखला की ताजा कड़ी माना जा रहा है।

आमतौर पर राष्ट्राध्यक्षों की आधिकारिक यात्राओं के दौरान कड़े प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी कई मौकों पर इन परंपराओं से अलग हटकर वैश्विक नेताओं के साथ एक ही कार में सफर करते दिखे हैं। इसे उनके व्यक्तिगत संबंधों और भारत के अन्य देशों के साथ मजबूत होते मैत्रीपूर्ण रिश्तों का प्रतीक माना जाता है।

‘कारप्लोमेसी’ की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी की ‘कारप्लोमेसी’ की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी, जब अमेरिका यात्रा के दौरान उन्होंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक कार ‘द बीस्ट’ में सफर किया था।

हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी दो मौकों पर रूस की आधिकारिक कार ‘Aurus Senat’ में सफर किया—पहला शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान चीन में और दूसरा रूस के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के समय।

अक्टूबर में उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केर स्टार्मर के साथ भी कार साझा की। वहीं इस माह की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों  के साथ मुंबई में इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम के लिए एक ही वाहन में पहुंचे।

इसके अलावा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम के साथ कुआलालंपुर में सामुदायिक कार्यक्रम के लिए साझा यात्रा, जर्मनी के चांसलर के साथ भारत दौरे के दौरान सफर, और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति का दिल्ली हवाई अड्डे पर स्वागत—ये सभी उदाहरण ‘कारप्लोमेसी’ की झलक पेश करते हैं।

दिसंबर में जॉर्डन यात्रा के दौरान एक विशेष क्षण तब देखने को मिला जब जॉर्डन के क्राउन प्रिंस ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को जॉर्डन म्यूजियम तक ड्राइव कर पहुंचाया।

कूटनीति का नया अंदाज

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘कारप्लोमेसी’ केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और व्यक्तिगत संबंधों पर आधारित कूटनीति का संकेत है। यह शैली पारंपरिक कूटनीति से अलग एक सहज और आत्मीय संवाद को दर्शाती है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा दे रही है।

 

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