ईरान का F-15 गिराने का दावा, कुवैत से यरुशलम तक धमाकों की गूंज
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने अब व्यापक युद्ध का रूप ले लिया है और तीसरे दिन हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं। सोमवार को ईरान ने दावा किया कि उसने एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक F-15 विमान आग की लपटों के साथ धीमी गति में नीचे गिरता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि यह विमान कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहा था, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह अमेरिका का था या इज़राइल का।
कुछ अपुष्ट रिपोर्टों में ‘फ्रेंडली फायर’ यानी गलती से अपने ही पक्ष की गोलीबारी की आशंका भी जताई गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहे। इसी बीच एएफपी ने कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर से धुआं उठने की खबर दी, हालांकि अमेरिका और इज़राइल की ओर से विमान गिराए जाने की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है।
यह ताज़ा घटनाक्रम उस बड़े सैन्य टकराव का हिस्सा है जिसकी शुरुआत शनिवार को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से हुई थी। इन हमलों में तेहरान स्थित प्रतिष्ठानों और ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने तेल अवीव, यरुशलम और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलों और सशस्त्र ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया।
सोमवार सुबह खाड़ी क्षेत्र के कई बड़े शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इज़राइली सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान की है और कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए।
संघर्ष के पहले दिन ही ईरान के सर्वोच्च नेता आयातोल्लाह अली खामेनेई के तेहरान स्थित एक परिसर पर हुए मिसाइल हमले में मारे जाने की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया। इस घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी भी की।
खामेनेई की मौत को खुफिया सूत्रों ने ‘कई महीनों की योजना’ का परिणाम बताया है, हालांकि क्षेत्र में जारी हमलों के बीच अलग-अलग स्रोतों से आ रही जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
युद्ध अब केवल ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं रहा। ईरान समर्थित गुट हिज़्बुल्लाह ने भी मोर्चा संभाल लिया है, जिससे लेबनान की दिशा से भी हमलों की खबरें आ रही हैं। खाड़ी देशों में भी तनाव चरम पर है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एहतियातन कई घंटों के लिए बंद करना पड़ा, जिससे एशिया-यूरोप उड़ानों पर असर पड़ा। दुबई के एक लक्जरी होटल पर मिसाइल गिरने की सूचना है, जबकि ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका-इज़राइल के हमले में मिनाब शहर के एक स्कूल पर मिसाइल लगी, जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
अब तक 200 से अधिक लोगों के हताहत होने की पुष्टि की जा चुकी है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। लगातार हो रहे हमलों, एयर रेड सायरनों और बंद होते हवाई मार्गों ने पूरे पश्चिम एशिया में दहशत और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है। तीन दिनों में जिस तेजी से संघर्ष की तीव्रता बढ़ी है, उसने सैन्य विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है और आशंका जताई जा रही है कि यदि जल्द कूटनीतिक प्रयास नहीं हुए तो यह टकराव वैश्विक स्तर पर दूसरे बड़े सैन्य संकट का रूप ले सकता है।
