अब भारतीय क्रिकेट में हर छोटे-बड़े योगदान को बराबर सम्मान मिलेगा: गंभीर
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टीम खेल की असली भावना पर जोर देते हुए कहा है कि अब भारतीय क्रिकेट में हर छोटे-बड़े योगदान को बराबर सम्मान मिलेगा। उन्होंने साफ कहा कि जब तक वह कोच हैं, किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन को ही सुर्खियों में नहीं रखा जाएगा, बल्कि हर अहम योगदान की चर्चा होगी।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले का उदाहरण देते हुए गंभीऱ ने कहा कि अगर शिवम दुबे ने आखिरी ओवर से पहले दो महत्वपूर्ण चौके नहीं लगाए होते, तो संजु सैमसन की 97 रन की मैच जिताऊ पारी भी चर्चा में नहीं आती।
उन्होंने कहा, “यह टीम गेम है और हमेशा टीम गेम ही रहेगा। मेरे लिए शिवम के दो चौके उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन। बड़े योगदान सुर्खियां बनाते हैं, लेकिन छोटे योगदान ही टीम को जीत की रेखा पार कराते हैं।”
गंभीर ने कहा कि आगे भी यही टीम फिलॉसफी रहेगी और किसी एक खास योगदान को अलग दर्जा नहीं दिया जाएगा।
‘मेरा मंत्र डेटा नहीं, इंस्टिंक्ट है’
टी20 क्रिकेट में जहां ज्यादातर टीमें डेटा और विश्लेषण पर निर्भर रहती हैं, वहीं गंभीऱ ने कहा कि वह आंकड़ों पर ज्यादा भरोसा नहीं करते।
उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से कहूं तो डेटा पर विश्वास नहीं करता। मेरे लिए क्रिकेट इंस्टिंक्ट (आंतरिक समझ) का खेल है। टी20 फॉर्मेट में अपने अनुभव और समझ के आधार पर फैसले लेना ज्यादा अहम है।”
हालांकि टीम के साथ डेटा एनालिस्ट हरि प्रसाद काम करते हैं, फिर भी गंभीऱ का मानना है कि अंतिम फैसला कप्तान का होता है और खेल की परिस्थितियों को समझना ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने भारतीय टीम की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि टीम के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप और वरुण जैसे गेंदबाज किसी भी ओवर में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। वहीं बल्लेबाजी में पावर हिटिंग टीम की सबसे बड़ी मजबूती है, जिससे टीम कभी भी मैच में वापसी कर सकती है।
इंग्लैंड से सेमीफाइनल पर नजर
सेमीफाइनल में इंग्लैंड क्रिकेट टीम से मुकाबले को लेकर गंभीऱ ने कहा कि यह एक विश्व स्तरीय टीम है और मुकाबला आसान नहीं होगा। उन्होंने वानखेडे स्टेडियम को चुनौतीपूर्ण मैदान बताया।
उन्होंने कहा, “इंग्लैंड एक क्वालिटी टीम है। वानखेड़े कठिन मैदान है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम देश के लिए कुछ खास कर पाएंगे। हमारा लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।”
भारतीय टीम अब सेमीफाइनल की तैयारी में जुटी है और कोच गंभीऱ की नई टीम फिलॉसफी के साथ मैदान में उतरने को तैयार है।
